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राजगढ़ – प्रशासन की टीम ने नवनिर्मित कॉम्पलेक्स के आधे से अधिक हिस्से को किया ज़मीदोज़, भारी पुलिसबल रहा तैनात, कॉम्पलेक्स के मालिक ने एसडीएम पर लगाए संगीन आरोप

राजगढ़। प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर के तिलक मार्ग पर राम मंदिर के समीप नवनिर्मीत कॉम्पलेक्स के आधे से ज्यादा हिस्से को ज़मीदोज़ कर दिया। प्रशासन का कहना है कि कॉम्पलेक्स का निर्माण शासकीय आम रास्ते पर हुआ है। इधर कॉम्पलेक्स के मालिक अक्षय सराफ ने गम्भीर आरोप लगाते हुए पूरी कार्रवाई को अनुचित ठहराया है।

सुबह 9 बजे पहुंची टीम – नगर के व्यस्ततम तिलक मार्ग पर अचानक प्रशासन की टीम पहुंची। साथ ही एक के बाद एक पुलिस की गाड़ियां भी पहुंची। कॉम्प्लेक्स के दोनों तरफ का रास्ता बंद कर प्रशासन ने पोकलेन के माध्यम से अतिक्रमण को तोड़ने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी। लगभग ढेड़ से दो घण्टे चली कार्रवई के बाद प्रशासन ने निवनिर्मित कॉम्पलेक्स का आधे से अधिक हिस्सा तोड़ दिया।

कार्रवाई को देखने के लिए उमड़ी भीड़ –
कार्रवाई के लिए सरदारपुर एसडीएम बीएस कलेश, एसडीओपी आरएस मेड़ा, तहसीलदार आदर्श शर्मा, नायब तहसीलदार रवि शर्मा, राजगढ़ टीआई आरएल मीणा, सरदारपुर टीआई अभिनव शुक्ला सहित राजगढ़, सरदारपुर, अमझेरा, राजोद थाने का पुलिस बल तैनात रहा। नगर में हुई इस कार्रवाई को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। यह अतिक्रमण कार्रवाई नगर में चर्चा का विषय बन गई।

सराफ परिवार ने लगाए गंभीर आरोप – कार्रवाई के बाद कॉम्पलेक्स के मालिक सराफ परिवार ने प्रेसवार्ता कर इस पूरी कार्रवाई को अनुचित बताते हुए एसडीएम पर संगीन आरोप लगाए। प्रेसवार्ता में अक्षय सराफ ने कहा कि नगर परिषद ने एक नोटिस दिया था जिमसें उन्होंने कहा था कि आपका मकान पुराना होकर जीर्णशीर्ण हो गया। जिससे किसी को जनहानि हो सकती है। जिसके बाद हमने उक्त भवन को गिराकर नये भवन निर्माण की नगर परिषद से अनुमति प्राप्त की। निर्माण के बाद यह भवन पूरी तरह से चालू हो गया तब क्या पता प्रशासन को किस प्रकार की आपत्ति आई है तथा मुझे वाट्सअप पर नोटिस भेजे गए और मौखिक रूप से जाकर मिलने की बात कही। जब में दस्तावेज लेकर पहुँचा तो दस्तावेज देखे बिना कहा गया कि आप बैठकर बात कर लेवे जब हमने उनकी मांग नही मानी तो 18 दिसंबर शाम 6 बजे हमे बेदखली का नोटिस दिया तथा आज सुबह 9 बजे कार्रवाई कर दी गई। अक्षय सराफ का कहना है कि एसडीएम कार्यालय में सीधे मुझसे एसडीएम ने पहले 20 लाख रुपये मांगे जब मैने न्यायालय की शरण मे गया तो एसडीएम ने फिर बुलावा भेजा तथा फिर कहा कि अगर 5 लाख रुपये देते हो तो मैं कार्रवाई नही करूंगा। अक्षय सराफ ने कहा कि हमने एसडीएम की डिमांड पूरी नही की तो उनके द्वारा यह कार्रवाई की गई है। प्रेसवार्ता में सराफ परिवार के वकील अंशुल राजपुरोहित ने भी पक्ष रखा।

सारे आरोप गलत है, शासकीय रास्ते पर अवैध निर्माण को हटाया है – मामले में सरदारपुर एसडीएम बीएस कलेश ने कहा कि नगर पालिका की अनुमति पीछे के भूमि पर निर्माण की है जबकि इनके द्वारा लगभग 8 बाय 100 पर अवैध निर्माण किया गया। जो शासकीय रास्ता है। उक्त हिस्से के निर्माण को प्रशासन, पुलिस तथा नगर परिषद द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए अवैध निर्माण को तोड़ा गया है। जो आरोप लगाए गए है वह गलत है। जल्द ही इनके विरुद्ध शासकीय संपत्ति पर निर्माण करने का प्रकरण भी दर्ज किया जाएगा।

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