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छात्र नेता को रास आने लगी भाजपा… संगठन की गाइडलाइन को ताक में रखकर प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करने लगा दी दौड़…

सरदारपुर। प्रदेश की सत्ता में जब कांग्रेस काबिज हुई थी तब कई भाजपा नेता विपक्ष की भूमिका से लगभग गायब थे। लेकिन जैसे ही भाजपा ने प्रदेश की सत्ता पर वापसी करी वैसे ही भाजपा के सोये नेता पुनः जागृत हो गए थे। खेर यह राजनीति का पहिया है। इसकी धुरी का अंदाजा लगाना समझ से परे। लेकिन इन दिनों सरदारपुर विधानसभा के राजोद क्षेत्र से एक छात्र नेता की भाजपा की राजनीति में दिलचस्पी बढ़ती ही जा रही है। यह छात्र नेता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में विभाग के बड़े पद पर दायित्ववान है। अनुशासन का पर्याय माने जाने वाला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एक गैर राजनीति संगठन होकर छात्र हित में कार्य करता है। जिसे देश की युवा छात्र शक्ति का प्रतिनिधि संगठन भी कहा जाता है। अभाविप के कार्यकर्ताओं के अनुशासन की अन्य राजनीतिक संगठन भी अपने युवा कार्यकर्ताओं को तामील देते है। लेकिन राजोद क्षेत्र का छात्र नेता अभाविप संगठन की गाइडलाइन को धता  बता रहा। बात दरअसल पिछले दिनों की है, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा 16 अगस्त की रात्रि में उज्जैन से अलीराजपुर दौरे पर जा रहे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जगह-जगह प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया गया। इस दौरान राजोद में भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के स्वागत हेतु मंच लगाया गया था। इस मंच पर राजोद का उक्त छात्र नेता जो अभाविप में विभाग के पद पर है, वे भी स्वागत करने पहुँच गए। जिसके बाद से यह सुर्खियाँ चरम पर निकल कर आने लगी कि अनुशासित अभाविप का यह पदाधिकारी क्या संगठन के नियमों की अवहेलना कर गया या भाजपा की राजनीति करने का मूड बना चुका है। बात तो निकलकर यह भी सामने आ रही है की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा अभाविप में लंबे समय तक रहे है। ऐसे में यह भी समझा जा रहा है कि उक्त छात्र नेता वीडी शर्मा का स्वयं को करीबी बताकर राजोद क्षेत्र के भाजपा नेताओं से अपनी पटरी बिठाने के गणित में है। तभी तो अभाविप के अनुशासन को साइड में रखकर भाजपा के मंच से प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करने अभापिव का यह पदाधिकारी दौड़ पड़ा। तहसील में यह पहला मामला नही है कि विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन के पदाधिकारी ने संगठन के नियमों की अवहेलना की है। इसके पूर्व भी इस तरह के कई वाकये होते रहते है। फिलहाल जो भी हो लेकिन संगठन जिस अनुसाशन का पाठ पढ़ाता है। उसके साथ ऐसी अवहेलना करना हरगिज़ जायज नही है।

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