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सरदारपुर – नेमावर घटना को लेकर आदिवासी समाज द्वारा राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, घटना की सीबीआई जांच कर पीडित परिवारो के साथ न्याय करे सरकार – विधायक ग्रेवाल

सरदारपुर। नेमावर मे आदिवासी परिवार की 4 माता बहनो के साथ बलात्कार कर हत्या करने की घटना की सीबीआई जांच कर पीडित परिवार को 1 करोड रूपये की आर्थिक सहायता, परिवार के 1 सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, साथ ही मामले मे लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियो पर उचित कार्रवाई कर पीडित परिवार को न्याय दिलाया जाए यह बात सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल द्वारा गुरूवार को नेमावर घटना के संबंध मे आदिवासी समाज सरदारपुर द्वारा देश के राष्ट्रपति के नाम पर सौंपे गए ज्ञापन के दौरान कही। ज्ञापन मे बताया गया है कि देवास जिले के नेमावर थाना अंतर्गत 29 जुन 2021 को सनसनीखेज खुलासा हुआ जिसके आदिवासी परिवार की गुमशुदगी करीब डेढ़ माह पूर्व से दर्ज थी। गुमशुदा 5 आदिवासी परिवार के सदस्यो में से 4 माता बहनो में 2 नाबालिक बहनो को मिलाकर चारो माता बहनो के साथ करीब 18 लोगो द्वारा सामुहिक बलात्कार कर उनकी हत्या कर दी एवं अपनी बहनो की तलाश में गये 1 नाबालिक भाई की भी उन बलात्कारीयो द्वारा जघन्य हत्या कर दी गई और बलात्कार एवं हत्या की घटना को उजागर नही होने के उद्देश्य से आरोपीगण द्वारा अपने ही खेत में 10 फीट गहरा गढ्ढा खोदकर उसमें खाद एवं नमक डालकर उनकी लाशो को दफना दिया गया ताकी उनकी शिनाख्त और पहचान न हो सके। सभी 18 से 20 आरोपित हत्यारो का मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार के नेताओ द्वारा आरोपियो के बचाव करने एवं देवास कलेक्टर, एसपी, एसडीओपी तथा नेमावर पुलिस थाने के थाना प्रभारी द्वारा लापरवाही बरतने एंव लगभग डेढ़ महीने तक आरोपियो को संरक्षण देकर उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही नही की गई। हमारी मांग है कि आरोपियो पर एट्रोसीटी एक्ट एवं पास्को एक्ट के अंतर्गत फास्ट्रेक कोर्ट में सुनवाई की जाकर तत्काल फाॅसी की सजा दी जाए साथ ही पीडित परिवार के सदस्यो को एक-एक करोड़ की आर्थिक सहायता, परिवार के 01 सदस्य को सरकारी नोकरी प्रदान की जाए। इतने जघन्य अपराध के अपराधियो को देवास पुलिस प्रशासन द्वारा संरक्षण देने पर उनके विरूध्द उचित कार्रवाई की जाए एवं मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा संरक्षण प्रदान करने के कारण प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। ज्ञापन का वाचन अनिल नर्वे ने किया। इस दौरान विदेश गणावा, मयाराम डाबी, धर्मेन्द्र नर्वे, सुनील अजरावत, ब्रदी मुनिया, सुरेश मसार, अर्जुन चौहान, बालुसिंह बारिया, भारत सिंगार, श्याम गणावा, रवि खराडी, दिलीप कटारा, अर्जुन मुनिया, अकरम भुरिया, राधेश्याम मुनिया आदि उपस्थित रहे।

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