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बामनिया – 16 किमी का प्रलम्ब विहार कर शांतिदूत पधारे बामनिया, हमारी मित्र व दुश्मन हमारी आत्मा ही – आचार्य महाश्रमण

बामनिया। अहिंसा यात्रा प्रणेता परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज प्रातः पेटलावद के प्रेम सागर सागर मैरिज गार्डन से मंगल विहार हुआ। तीन दिवसीय प्रवास में पेटलावदवासियों में अध्यात्म चेतना जगाकर पूज्य प्रवर अपनी धवल सेना के संघ रतलाम की ओर प्रस्थित हो गए। आज 5 किलोमीटर का अतिरिक्त विहार कर आचार्य श्री करडावद में पधारे। गुरुदेव की कृपा पाकर वहां का एकमात्र तेरापंथ परिवार धन्यता का अनुभव कर रहा था। स्थानीय जैन स्थानक को भी पूज्य प्रवर ने अपने चरणों से पावन किया। मार्गस्थ मारुति नंदन गोशाला के समक्ष भी गुरुदेव ने मंगल पाठ फरमाया। तेज धूप में लगभग 16 किलोमीटर का प्रलम्ब विहार कर आचार्यश्री बामनिया के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रवास हेतु पधारे।

मंगल प्रवचन में गुरुदेव ने की व्यक्ति स्वयं अपना मित्र है फिर बाहर मित्र क्यों खोजना। हमारी आत्मा हमारी मित्र है, हमारी अपनी आत्मा से बड़ा हमारा कोई शत्रु नहीं होता। जो आत्मा सत्प्रवृत्ति में लगी होती, वह मित्र सम्मान और जो आत्मा दुष्प्रवृत्ति में लगी होती है, वह शत्रु समान होती है। व्यक्ति क्षमावान है, सहिष्णु है, उसके जीवन में समता, अहिंसा जैसे गुण है, यानी आत्मा उसकी मित्र बन गई है। किसी में अतिक्रोध है, घमंड है, हिंसक आचरण है, तो उसकी आत्मा शत्रुवत है।
आचार्यश्री ने आगे कहा कि दो तरह की दृष्टियां होती है। एक निश्चय नय और एक व्यवहार नय। निश्चय में तो हमारी आत्मा हमारी मित्र हैं, पर व्यवहार में अन्य भी मित्र बनते हैं, होते हैं। व्यक्ति सोच-विचार कर अपने मित्र बनाएं पहले देखे, परीक्षा करें, ऐसा नहीं कि किसी को झटपट मित्र बना लिया। बुरे व्यक्ति की संगत में रहने से अच्छा है व्यक्ति अकेला रह जाए। योग्यता को देखकर ही मित्र बनाना चाहिए। मित्र ऐसा हो उसे कभी भी कुछ दे दिया तो वापस भी जब मन हुआ कुछ ले लिया। कोई भी गोपनीय बात आपस में कह सके। ऐसा प्रेम व्यवहार आपस में होना चाहिए। यह व्यवहारिक मित्रता की बातें हैं। व्यक्ति परमार्थिक मित्रता, आत्मा की मित्रता को बढ़ाते हुए जीवन को अच्छा बनाए यह जरूरी है।

अभिवंदना के क्रम में विचार रखते हुए बामनिया तेरापंथी सभा अध्यक्ष महेंद्र मेहता, तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्षा उषा बम, वर्धमान स्थानकवासी संघ के अध्यक्ष विमल मूथा, राकेश बम, मालवा सभा मंत्री कमलेश बम, राजमल मेहता, सात्विक मेहता ने अभिव्यक्ति दी। तेरापंथ महिला मंडल एवं कन्या मंडल, ज्ञानशाला ने स्वागत में गीत की प्रस्तुति दी।

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