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मोहनखेड़ा जैन तीर्थ के प्रसिद्ध संत आचार्य श्री ऋषभ चन्द्र सूरीश्वर जी का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

राजगढ़। मोहनखेड़ा जैन तीर्थ के प्रसिद्ध संत आचार्य श्री ऋषभ चन्द्र सूरीश्वर जी का बुधवार रात्रि में इंदौर के मोहक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। श्री आदिनाथ राजेंद्र जैन ट्रस्ट मोहन खेड़ा ने सवेरे 6 बजे के करीब निधन की आधिकारिक घोषणा की। ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुजान मल जैन एवं त्रिस्तुति जैन श्री संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंपालाल वर्धन ने बताया की आचार्य श्री का अंतिम संस्कार मोहन खेड़ा तीर्थ पर किया जाएगा। आचार्य श्री की पार्धिव देह मोहनखेड़ा पहुंच चुकी है, उन्हें पाट पर स्थापित कर दिया गया है, संपूर्ण परिसर गुरु देव अमर रहे के जय घोष से गुंजाया मान हो रहा है। 

आज होगा अंतिम संस्कार –

आचार्य श्री का आज ही मोहनखेड़ा तीर्थ पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। पहले कल 4 जून को अंतिम संस्कार होना था। लेकिन ट्रस्ट द्वारा आज ही उनका अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री तथा प्रभारी मंत्री ने दी श्रधांजलि –

आचार्य श्री के निधन से गुरुभक्तों में शौक की लहर है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर श्रधांजलि दी है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट में लिखा कि “श्रीमोहनखेड़ा तीर्थ के प्रसिद्ध संत, परम पूज्य, श्री ऋषभ देव महाराज जी ने आज अपना भौतिक शरीर त्याग दिया। वे धर्म, सेवा और कल्याण की पुण्य ज्योत थे। उनके मंगलकारी विचार हमें मानवता और धर्म की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। उनका आशीर्वाद सदैव बना रहे! विनम्र श्रद्धांजलि”

उद्योग मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी ट्वीट कर आचार्य श्री को श्रधांजलि दी है।

आपको बता दे कि, आचार्य श्रीऋषभ सूरी जी के मन युवास्था से जन सेवा का अनूठा जज्बा था। वे मोहनखेड़ा को जैन तीर्थ के साथ समग्र समाज को जोड़ना चाहते थे। अपने इस अभियान में वे बहुत कुछ सफल भी हुए। भविष्य वाणी को लेकर भी उनका आकलन सटीक बैठता था। करोना को एवम उज्जैन सिहस्थ में आंधी तूफान की घटनाओं को लेकर उन्होंने भविष्य वाणिया की थी जो सटीक बैठी थी। सभी समाज के लिऐ उन्होंने 1984 में मानव सेवा चिकिस्तालय की स्थापना की जो आज संपूर्ण क्षेत्र में सेवा का पर्याय बन चुका है इसके सानिध्य में सैकड़ों नेत्र शिविर, चिकिस्ता शिविर, विकलांगो के लिए शिविर, उनके उपकरण, अपाहिजो को ट्रायसिकल, महिलाओं को हर वर्ष जन्म दिन पर सैकड़ों सिलाई मशीनें, गरीबों को अनाज, कटे फटे होठों के निशुल्क आपरेशन शिविरों का आयोजन किया गया। तीन दिन में 300बेड के करोना कोविड सेंटर का इंतजाम, समाज जनों के आर्थिक विकास के लिए बैंको की स्थापना आदि कई कार्य किए।

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