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शिव अनुराग पटेरिया – सौम्यता और विनम्रता के धनी होने के साथ ज्ञान का चलता-फिरता कोष थे… मध्यप्रदेश की समृद्ध पत्रकारिता ने खोया अपने रत्न को…

राजेश शर्मा धार, वरिष्ठ पत्रकार @ लेखक, थिंकर्स

 9893877004 – 9770667516 

कोरोना की सेकंड वेव से जारी जंग में गणितीय आंकड़ोंं में एक और मौत …. पर  देश के हदय प्रदेश मध्यप्रदेश की पत्रकारिता के लिए एक बड़ी क्षति.. एक सौम्य, सजग    कलम के  प्रहरी और  ज्ञान के  कोष का चले जाना  है.. शिव अनुराग पटेरिया – सौम्यता और  विनम्रता के  धनी  होने के साथ ज्ञान का चलता –  फिरता कोष थे .    मध्यप्रदेश की समृद्ध पत्रकारिता ने आज अपने एक और  रत्न को खोया  है…  

प्रदेश के भूगोल से लेकर प्रदेश की राजनीति- अर्थव्यवस्था सहित विविध विषयों के वे गहरे जानकार थे…  पत्रकारिता की  नई पौध को तराशने से लेकर हर विषय वस्तु पर मार्गदर्शन देने के लिए वे सहर्ष उपलब्ध हो जाते थे..  श्रद्धेय  पटेरिया जी  की इसी सौम्यता और विनम्रता के हर कोई कायल थे….. प्रदेश के बजट से लेकर अर्थव्यवस्था के वे गहरे विश्लेषक थे…  अपनी पैनी दृष्टि से आप प्रदेश के हित में समसामयिक विषयों पर अपनी बात  रखते थे… 

श्रद्धेय  पटेरिया जी लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की गरिमा बरकरार रखने के लिए सदैव संघर्षरत रहे…. पत्रकारिता और सम्मानित पत्रकार  साथियों के दुख और तकलीफ में हमेशा खड़े दिखाई देते  थे…… पत्रकारों के पथ प्रदर्शक, मार्गदर्शक और बहुत कुछ थे पटेरिया जी…. इस तरह जाने के लिए तो आप अभी तैयार भी नहीं थे… फिर उस अनंत  यात्रा की और चल दिए जहां से कोई लौट कर नहीं आता .. पत्रकारिता और सिर्फ पत्रकार जगत  के लिए ही तो बने थे आप….. कोरोना से कराहती दुनिया के इस कठिन दौर में भी  कलम के मिशन पर  निष्ठा के साथ डटे हुए थे पटेरिया जी… आखिरकार कोरोना और उससे निर्मित होने वाले विषयों पर कलम से गहरी बात रखते – रखते आप ही  कोरोना से ही जंग हार गए…सरलता , सौम्यता और विनम्रता की त्रिवेणी  के कुशल कलमकार ने अपनी सांसो और कलम को अलविदा कह दिया….. आज फिर शून्यता पैदा हुई है मध्यप्रदेश की समृद्ध पत्रकारिता खासकर प्रिंट मीडिया के लिए…….. पत्रकारिता की यात्रा के दीर्घ पड़ाव में  नये मानदंड स्थापित कर प्रदेश की पत्रकारिता को गौरवान्वित होने का अवसर आपने दिया…. लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता की गरिमा को नए संदर्भ में गढा….. एक से बढ़कर एक सितारों, संभावनावान चेहरों और प्रतिभाओं का असमय हमारे बीच से खामोशी से चले जाना किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं है …

कोरोना वायरस की  सुनामी चाल से हम सब हैरान है…स्तब्ध है…    वैश्विक महामारी कोरोना की सेकंड वेव.. अकल्पनीय और स्तब्ध कर देने वाली घटनाओं की साक्षी बनकर हम सब को झकझोर रही है…  प्रदेश के प्रखर और वरिष्ठ पत्रकार,  स्तंभकार, टिप्पणीकार, पत्रकारिता के रत्न को  प्रदेश और पत्रकारिता जगत सदैव याद रखेगा….. विधाता उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करे…. श्रद्धेय  पटेरिया जी का जंग में  इस तरह से चले जाना मध्यप्रदेश पत्रकारिता परिवार के साथ मेेरी भी निजी क्षति है….  आप पटल से जरूर लोप हो गए है लेकिन पत्रकारिता और पत्रकारों को दिए योगदान से आप हमेशा अमर रहेगे… 

 कोटिशः  नमन…श्रद्धावनत 

लेखक राजेश शर्मा का परिचय
वर्तमान में संपूर्ण विश्व कोरोना वायरस से जंग लड रहा है। जंग में मानवता के कई ऐसे प्रहरी है जो जंग से मानव जाति को उबारने के लिए प्रण और प्राण से जुटे है। इस समसामयिक एवं विश्वव्यापी ज्वलंत समस्या पर तीक्ष्ण दृष्टि डालता आलेख मप्र की राजा भोज की ऐतिहासिक नगरी धार के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, विचारक राजेश शर्मा ने लिखा है। लेखक राजेश शर्मा की ख्याति राज्य स्तरीय अधिमान्य पत्रकार मप्र शासन होकर लेखक, विचारक एवं प्रशासनिक परीक्षा के एक्सपर्ट के रूप में है। आपके मार्गदर्शन में कई युवा प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है। आपने पीएससी परीक्षा एवं पत्रकारिता पर कई पुस्तकों की रचना की है। आप प्रदेश शासन की इंदौर संभाग स्तरीय पत्रकार अधिमान्यता समिति के सदस्य रहे है साथ ही पत्रकारिता की सर्वोच्च डिग्री एमजे में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से टाॅपर रहे है।

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