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धार – संचालक लोक अभियोजन श्री यादव ने किया तृतीय नेशनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन, कहा – पुलिस और न्याय पालिका के मध्य पुल का काम करता है अभियोजन

धार। सीएपीटी (सेन्ट्रोल एकेडमी फॉर पुलिस ट्रेनिंग), भोपाल में दिनांक मंगलवार को अभियोजन अधिकारियों की तृतीय नेशनल ऑनलाईन कॉन्फ्रें स का उद्घाटन विजय यादव (भापुसे), महानिदेशक/संचालक लोक अभियोजन म.प्र. द्वारा किया गया। अपने प्रभावी उद्बोधन में आपके द्वारा लोक अभियोजकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हेंप न्या्य व्यदवस्थाल का अति महत्वजपूर्ण अंग बताते हुए उनके उज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर श्री पवन श्रीवास्ततव (भापुसे), संचालक सीएपीटी भोपाल भी उपस्थित रहे। उक्त कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय स्तर से अभियोजन विभाग के संचालक एवं अन्य चयनित अधिकारियों ने भाग लिया।  नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। पूर्व में सीएपीटी भोपाल द्वारा दो नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा चुका है, वर्तमान कोविड-19 की विषम परिस्थितियों को देखते हुए इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन पूर्वानुसार फिजिकल न किया जाकर ऑनलाईन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में श्री पवन श्रीवास्तव के द्वारा श्री विजय यादव जी का स्वागत किया गया तथा कॉन्फ्रेंस की विस्त़ृशत रूपरेखा के साथ कॉन्फ्रेंस का उद्देश्यग एवं योजना देशभर के अभियोजन अधिकारियों के सम्मुरख रखी गई। 

श्री विजय यादव ने अपने अध्यअक्षीय उद्बोधन में म.प्र. लोक अभियोजन द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को पीडित एवं फरियादियों को समर्पित करते हुए बताया गया कि म.प्र. लोक अभियोजन पीडित व्यकक्ति को उचित व समय पर न्याय दिलाने हेतु दृढ़ सं‍कल्पित है। श्री यादव के अनुसार अभियोजन पुलिस और न्यााय पालिका के मध्यक पुल की भूमिका निभाता है। अत: इस पुल को व्यारपक चौड़ा एवं मजबूत होने की आवश्यककता है। उन्होंने अपने उद्बोधन में इस बात पर भी बल दिया कि राष्ट्री य स्तलर पर अभियोजन अधिकारियों को जेण्डसर सेंसेटाइजेशन के प्रति जागरूक किये जाने की आवश्यअकता है, इस हेतु प्रत्येबक राज्या में अभियोजन के प्रशिक्षण केन्द्रअ की आवश्य,कता है। उन्होंभने लोक अभियोजकों की नियुक्तियों को बढ़ाये जाने की आवश्यषकता को भी रेखांकित किया ताकि प्रत्येोक न्याायालय में अभियोजक की नियुक्ति हो सके और समय पर उचित न्यापय पीडि़त पक्ष को दिलाया जा सके। उन्होंकने कहा कि हम अपने अधिकारियों के विधिक संवर्धन हेतु विभिन्नि प्रशिक्षणों के मध्यिम से सदैव प्रयासरत् रहते हैं, और भविष्यन में भी हम न्यांय व्यनवस्थार के महत्वेपूर्ण अंग की जिम्मेतदारी को समझते हुए सदैव अग्रणी रहने का प्रयास करेंगे। उन्हों्ने सी.ए.पी.टी. डायरेक्टरर श्री पवन श्रीवास्त व को बधाई देते हुए प्रशंसा की कि राष्ट्रीजय स्तेर पर सभी राज्यों  के अभियोजकों का आपस में संवाद व सार्थक चर्चा के प्रयास हेतु मैं आपको साधुवाद देता हॅूं। निश्चित ही इस नेशनल ऑनलाईन कॉन्फ्रें स से राष्ट्रीाय स्त र पर लोक अभियोजकों को एक विशेष गति एवं दिशा प्राप्तर होगी।  कॉन्फ्रेंस में उपस्थित प्रख्या्त संकाय/अतिथि वक्ताचओं द्वारा ”अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्यापचार निवारण अधिनियम,” ”महिलाओं और बच्चोंस पर अत्यााचार और अपराध” विषय पर व्यािख्याओन दिये गये। कॉन्फ्रें स में द्वितीय एवं महत्वापूर्ण विषय यह भी रहा कि किस प्रकार अभियोजकों को और अधिक मजबूत करके अभियोजन में सुधार किया जाए ताकि पीडि़त को सरल व उचित न्याभय दिलाया जा सके। उक्तह विषयों पर सिंडिकेट चर्चा कर प्रस्तुचति एवं सुझाव भी दिये गये। इस अवसर पर श्री सी.पी. सक्सेेना, डी.आई.जी./उपसंचालक सी.ए.पी.टी. भोपाल द्वारा श्री विजय यादव (भा.पु.से.), महानिदेशक/संचालक लोक अभियोजन म.प्र. का आभार व्यझक्तप करते हुए कहा कि आपने जो महत्वनपूर्ण समय दिया है उसके लिए मैं आपका आभारी हॅूं, एवं कॉन्फ्रें स में उपस्थित सभी अधिकारीगण का धन्यिवाद ज्ञापित किया। 

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