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सरदारपुर – इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग का 16 किमी का हिस्सा जल्द ही फोरलेन मे होगा तब्दील, एक पखवाड़े के भीतर खुल जाएंगे टेंडर

सरदारपुर। इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग 47 के बचे हुये करीब 16 किमी का हिस्सा जल्द ही फोरलेन मे तब्दील करने के लिये कार्य आरंभ हो जायेगा। अभी तक इस जर्जर सडक के कारण वाहन चालको को परेशानी भरा सफर करना पड रहा है। वही माछलिया घाट क्षैत्र मे रात्रि मे कानवाई के दौरान गुजरना पडता है। कई बार घाट क्षैत्र मे ट्रको मे कटिग की वारदात को चोरो के द्वारा अंजाम दिया जाता है। लेकिन फोरलेन बन जाने के बाद जहा सफर सुगम होगा तो माछलिया घाट पुरी तरह से खत्म होकर  सिधी सडक पर सफर तय होगा। वाहन चालको को सफर आसान होने के साथ ही उन्हे टोल की दर अधिक चुकाना पड सकती है। क्योकी अभी तक जो टोल वसुला जा रहा है उसमे यह 16 किमी का जर्जर हिस्सा  शामिल नही है। सुत्रो बताते है की वन विभाग के द्वारा 16 किमी  के हिस्से मे निर्माण अनुमति नही देने के चलते कई वर्षो से 16 किमी  जर्जर सडक को फोरलेन मे तब्दील नही किया जा सका। लेकिन अब सभी अडचने दुर हो चुकी है। उक्त हिस्से को फोरलेन मे बदलने के लिये टैंडर भी डल चुके है। संभवत एक पखवाडे के भीतर टैंडर ओपन होकर निर्माण एंजेसी तय कर दी जायेगी। निर्माण एंजेसी तय होने के बाद उसे निर्माण स्थल पर सामग्री जुटाने मे भी वक्त लगेगा। जिसके चलते संभवत 2021 मे ही निर्माण कार्य आरंभ हो पायेगा। निर्माण एंजेसी ने यदि तिव्र गति से कार्य चलाया तो संभवतः 5 से 6 माह मे ही यह जर्जर सडक फोरलेन मे तब्दील होकर सफर सुगम बन जायेगा। 

माछलिया घाट खत्म होने के साथ कई परेशानीया होगी खत्म – 

राजमार्ग के इस जर्जर 16 किमी के हिस्से को  फोरलेन मे तब्दील होने पर सफर सुगम बनेगा तो कई परेशानीयो से निजात भी मिल जायेगी। अभी तक इस जर्जर सडक के कारण आये दिन जाम लगना आम बात है। वही रात्रि मे पुलिस को कानवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद रहना पडता है। लेकिन कई बार चोर चकमा दैकर  घाट क्षैत्र मे वाहन की गति धिमी होते ही कटिग कर माल चुरा लेते है।  लेकिन जब उक्त मार्ग फोरलेन मे तब्दील होगा तो माछलिया घाट पुरी तरह से खत्म हो जायेगा। अभी घाट क्षैत्र मे सडक 7 किमी है। लेकिन जो नई सडक फोरलेन बनेगी उसमे सडक पुरी तरह सिधी होकर दुरी भी 3 किमी कम हो जायेगी। जिससे वाहन चालक रफतार के साथ सफर कर सकेगे। साथ ही पुलिस  डयुटी बचत होकर संभवत कानवाई  भी हट जायेगी।

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