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कोरोना वॉरियर्स के रूप में धार में सेवा दे रहें है क्षेत्र के दो किसान पुत्र…अपने बेटों पर गर्व करता दोनों का परिवार… जानिए गुमानपुरा के डॉ. पुखराज परवार और अमोदिया के डॉ. अशोक लछेटा की इन साइड स्टोरी…

रमेश प्रजापति, राजगढ़। वैश्विक महामारी कोरोना से इन दिनों पूरा देश जूझ रहा है। जिले में भी 48 कोरोना संक्रमित मरीज है। देशव्यापी लॉकडाउन में चिकित्सक, पुलिस, प्रशासन सहित कई लोग इस मुश्किल की घड़ी में कोरोना वारियर्स बनकर कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। इसी तरह राजगढ़ क्षेत्र के दो गांव के दो किसान पुत्र धार में कोरोना वॉरियर्स के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं। दोनों डॉक्टर को शासन के द्वारा आयुष चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई हैै। धार में कोरोना संक्रमित क्षेत्र में लोगो की दोनों डॉक्टर सेवा कर रहें। क्षेत्र के छोटे से गांव गुमानपुरा के डॉ. पुखराज परवार एवं गांव अमोदिया के डॉ. अशोक लछेटा इन दिनों धार में अपनी सेवा प्रदान कर रहें हैं। दोनों किसान पुत्र है और इनका मध्यमवर्गीय परिवार अपने दोनों बेटों की संकट की घड़ी में इस सेवा पर गर्व कर रहा है। हम दोनों किसान पुत्र की आज आपको इनसाइड स्टोरी बताने जा रहे है। जिससे आप भी इन दोनों के हौसलों को सलाम कर इनपर गर्व करेंगे। जब हमने इन दोनों किसान पुत्र डॉक्टर से चर्चा की तो दोनों ने एक ही बात कही की हर हाल में हम कोरोना पर विजय प्राप्त करेंगे और एक बार फिर मुस्कुराएगा इंडिया…

गुमानपुरा के डॉ. पुखराज बोले – पीपीई किट पहनते ही खुद पर होता है गर्व…

धार में कोरोना संक्रमित क्षेत्र में लोगो के उपचार में कार्यरत ग्राम गुमानपुरा डॉ. पुखराज परवार धार की एक होटल में ठहरे है एवं रात्रि 9 बजे से प्रातः 9 बजे लगभग 12 घण्टे ड्यूटी कर रहे हैं। डॉ. पुखराज ने बताया की वे खुद को काफी भाग्यशाली मानते है जो इस विपदा की घड़ी में उन्हें मरीजो की सेवा करने का मौका मिल रहा है। वे बताते है कि जैसे ही हॉस्पिटल पहुँचकर पीपीई किट पहनता हू तो खुद पर गर्व होता है कि इस घड़ी में देश के काम आ रहा हु। ड्यूटी के लिए निकलते है तो लगता है मानो कोरोना रूपी दुश्मन से लड़ने के लिए हम पीपीई किट रूपी वर्दी पहनकर तैयार है। कोरोना संक्रमित क्षेत्र में लोगो का उपचार कर उन्हें घर पर रहने की सलाह देते है साथ हिम्मत भी देते हैं। डॉ. पुखराज ने बताया कि वे रोज अपने बड़े भाई से बात करते हे जिससे उन्हें काफी हौसला मिलता है एवं उनके द्वारा काफी मोटिवेट भी किया जाता हैं। मरीजो का उपचार कर वापस होटल आकर अपने घर वाले एवं बेटी से वीडियो कॉल के माध्यम से उनका हाल चाल जानते हैं।

डॉ. पुखराज के पिता कानालाल एवं माता कमलाबाई ने बताया कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। आज इस विपदा की घड़ी में वो देश के काम आ रहा है। उनका कहना है कि जिस तरह किसान देश को अन्न देते है वेसे ही डॉक्टर मरीज को नया जीवन देते हैं। वही डॉ. पुखराज की पत्नी रौशनी एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका है, वे बताती है कि उन्हें अपने पति पर काफी गर्व है, महामारी से लड़ने के लिए हमसे दूर रहकर जिस तरह से वे परिश्रम कर रहे है उस तरह से निश्चित ही कोरोना से हम जंग जीतकर ही रहेंगे। हाँ थोड़ी चिंता तो होती है लेकिन उनका जज्बा हमारी चिंता से कई गुना बड़ा है।

अमोदिया के डॉ. अशोक बोले – हमारे जीवन से ज्यादा जरूरी है कोरोना को हराना…

जिले में समीप गांव अमोदिया के किसान पुत्र डॉ. अशोक लछेटा भी कोरोना संक्रमित क्षेत्र में लोगो के उपचार में जुटे हैं। डॉ. अशोक लछेटा ने बताया कि वे धार की होटल में रहकर 6 घण्टे से अधिक समय ड्यूटी कर रहे हैं। कोरोना संक्रमित क्षेत्र से जैसे ही किसी के उपचार हेतु खबर आती है वेसे ही हम तुरन्त उन्हें उपचार देने पहुँचते है। साथ ही लोगो के बीच जाकर उनका हौसला भी बढ़ाते हैं। यहाँ प्रशासन भी हम डॉक्टरो की हर जरूरत का ध्यान रख रहा है। खुद को भाग्यशाली मानता हूँ कि इस विपदा की घड़ी में देश के काम आ रहा हूँ। कोरोना से हमे डर नही लगता क्योकि हमारे जीवन से ज्यादा जरूरी हैं कोरोना से जंग जितना। डॉ. अशोक बताते है कि परिवार से दूर रहकर कार्य कर रहे जब भी घरवालों की याद आती हे तो वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे बात कर लेता हूँ। पत्नी भी डॉक्टर है तो वह  एक डॉक्टर का फर्ज अच्छी तरह समझती हैं।

डॉ. अशोक लछेटा के पिता लक्ष्मणलाल एवं माता मीराबाई ने बताया कि उन्हें इस बात की ख़ुशी है कि बेटा इस घड़ी में देश के काम आ रहा है। हमे हमारे बेटे पर नाज है, आज सब घर पर है और वह धार में मरीजो की सेवा कर रहा यह बात हमे बेहद सुकून देती हैं। डॉ. अशोक लछेटा की पत्नी डॉ. श्रद्धा लछेटा डॉक्टर होने के साथ एक गृहणी का भी फर्ज निभा रही हैं। उन्होंने बताया इस घड़ी में कि पति अस्पताल में मरीजो की सेवा कर रहे, इसे बड़ी गर्व की बात क्या होगी। पत्नी होने के नाते चिंता तो रहती है पर डॉक्टर का फर्ज क्या होता है यह में अच्छी तरह जानती हूं। बस भगवान से यही दुआ करती हूं कि जल्दी ही इस कोरोना पर विजय प्राप्त हो जाए और वे सकुशल घर लौट आएं।

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