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सरदारपुर – अनाथ मुकबधिर गीता इंदौर के गोंविदा के साथ बंधी परिणय बंधन मे, युवा विपुल ने किया अपनी मुंह बोली बहन का कन्यादान,समाज को दिया प्रेरणादायक संदेश, आज होगा आर्शीवाद समारोह

सरदारपुर। पिछले एक दशक से अनाथो की तरह रहने वाली गीता ने कभी सपनो मे भी नही सोचा होगा की उसकी शादी भव्य तरीके से होगी। सरदारपुर तहसील के ग्राम बरमखेडी मे आनंद सर्विस सोसायटी के द्वारा संचालित मुकबधिर आश्रम मे रहने वाली गीता का विवाह कल इंदौर के गोविंदा महाजन के साथ संपन्न हुआ। गीता के मुहबोले भाई विपुल भैसोटिया ने गीता को गोद लेकर उसकी शादी भव्य तरीके से करने का संकल्प लिया था। विपुल का संकल्प कल गीता के सात फेरो के लेते ही पुरा हो गया। आज बिडवाल मे भैसौटिया परिवार के द्वारा अपनी इस लाडली के विवाह के उपलक्ष्य मे भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

कल इंदौर के युग पुरूष धाम संस्थान मे विधीवत गीता एंव गोविंदा के विवाह की रस्मे पुरी की गई। इस दौरान स्वामी परमांनद, युग पुरूष धाम की संचालिका डॉ अनिता शर्मा तुलसी सदिजा,आनंद सर्विस सोसायटी के संचालक ज्ञानेन्द्र पुरोहित उनकी पत्नि मोनिका पुरोहित,विपुल भैसौटिया,सरवन पोरवाल सहित विपुल एंव गोविंदा के परिवार के सदस्य इस विवाह के साक्षी बने एंव नव दंपति को आर्शिवाद दिया। विवाह के दौरान लिये जाने वाले सात संकल्पो को साईन लैग्वेज मे अनुवाद ज्ञानेन्द्र पुरोहित ने कराकर वर वधु को अवगत करवाया।  विवाह के दौरान गीता के चेहरे पर खुशी की मुस्कान बता रही थी की शायद इस बालिका को अपने अनाथ होने का अहसास ही नही हुआ। मुहंबोले भाई से मिले स्नेह एंव प्यार ने उसके सारे गमो को एक पल मे खत्म कर दिया। गीता के परिणय बंधन मे बंधने पर विपुल का चेहरा भी दमक रहा था। युवा  विपुल भैसौटिया के इस पवित्र संकल्प ने समाज मे अन्य लोगो को भी एक प्रेरणा दायक संदेश दिया।

अनाथ गीता को जीने की ललक दे कर बनाया आत्मनिर्भर – वर्ष 2008 मे जब पुलिस के द्वारा अनाथ मिली बालिका गीता को आनंद सर्विस सोसायटी के सुपर्द किया था तो संचालक ज्ञानेन्द्र पुरोहित ने एक माह की कडी मेहनत कर गीता के परिवार को ढुढ निकाला। लेकिन पता चला की उसके मॉ-बाप की मौत हो चुकी है। और परिवार के दुसरे सदस्य उसे रखने को तैयार नही है। तो फिर श्री पुरोहित ने गीता को अपनी बेटी की तरह संस्थान मे रखकर उसकी शिक्षा पुर्ण करवाई। गीता को हाईस्कुल तक पढाने के बाद उसे आत्मनिर्भर बनाने के लिये सिलाई,कढाई भी सिखाई ताकी आगे चलकर वह खुद अपने पैरो पर खडी हो सके। श्री पुरोहित ने चर्चा मे बताया की शादी के दौरान गीता बहुत खुश नजर आ रही थी। वैसे तो उसकी सगाई के बाद भी उसमे एक नई उमंग देखी गई। पहले गुम सुम रहने वाली गीता सगाई के बाद काफी बदल गई मानौ उसमे जीने की एक नई ललक आ गई हो। श्री पुरोहित ने कहा की विपुल जैसे युवा के इस कार्य की जितनी प्रंशशा की जाये वह कम है। विपुल के इस प्रेरणा दायक कार्य से समाज मे अन्य लोगो मे भी समाज हित के कार्य करने की ललक पैदा होगी।

आज बिडवाल मे होगा आर्शीवाद समारोह – विवाह के बाद गीता और उसके पति गोविंदा का आज बिडवाल मे बनौला निकालकर आर्शीवाद समारोह का आयोजन होगा। शाम 5 बजे अंबिका माता मंदिर पर नवदंपति आर्शिवाद लेकर बग्गी पर सवार होगे। बैड बाजे एंव ढोल ताशे के साथ बनौला निकलेगा। बनौले मे मुकबधिर बच्चे भी शामिल होगे जो आनंद सर्विस सोसायटी मे उसके साथ पढाई करते थे। शाम 7 बजे मॉ उमिया पाटिदार समाज धर्मशाला मे जाकर समाप्त होगा। यहा पर आर्शिवाद समारोह का आयोजन होगा। 

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