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राजगढ़ – जैन पाठशाला के बच्चो ने पिपलोदा में दी धार्मिक प्रस्तुतियां, बच्चो में व्यवहारिक शिक्षा के साथ धार्मिक शिक्षा भी जरूरी – गच्छाधिपति

राजगढ़।  गच्छाधिपति श्री नित्यसेन सूरीश्वर जी म.सा.की पावन निश्रा में चल रहे पावनिय चातुर्मास अंतर्गत पिपलोदा नगर के श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ धाम पर आयोजित दो दिवसीय ज्ञानोत्सव शिविर का शुभारंभ हुआ। ज्ञानोत्सव शिविर में अ.भा.श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद द्वारा श्री यतीन्द्र जयंत ज्ञानपीठ के सहयोग से सम्यक ज्ञान अभिवृद्धि योजना के तहत सूत्र स्मरण (कंठस्थ) अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले  बच्चों ने कंठस्थ सूत्र,स्तवन,धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रसूतिया दी। इसके पूर्व अतिथियों द्वारा दादा गुरुदेव के समक्ष दिप प्रज्वलन कर ज्ञानोत्सव शिविर का शुभारंभ किया गया। लाभार्थी राजेश जैन व मुकेश रॉयल द्वारा सभी अतिथियों का बहुमान किया गया। गच्छाधिपति श्री ने कहा कि वर्तमान में संस्कृति व संस्कार में कमीया आई है जिसका मुख्य कारण व्यसन ओर फैसन है इससे छुटकारा पाने के लिए माता पिता व पालक अपने बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा के साथ ही धार्मिक शिक्षण हेतु धार्मिक पाठशाला में भेजकर परिषद के उद्देश्यो को पूर्ण करने में सहभागी बने व आने वाली भविष्य की धरोहर को धर्म के प्रति जाग्रत करने का कार्य करे। मुनिराज विद्वदरत्न विजय जी म.सा.ने कहा कि परिषद के चार उद्देश्यो की पूर्ति करते हुए सबसे महत्वपूर्ण उपदेश धार्मिक शिक्षण को कार्य रूप देने के लिए वर्तमान परिषद अध्यक्ष व पूरी टीम ने सराहनीय प्रयास किया जो अनुमोदनीय है, धार्मिक ज्ञान प्राप्त करने में कोई उम्र का बंधन नही होता है श्रद्धा और लगन से जो पढ़ाई करता है उसे सफलता मिलती है ऐसा ही उदाहरण इस चातुर्मास के दौरान उपधानतप आराधकों ने यहां करके दिखाया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष धरु ने कहा कि परिषद ओर उसके उद्देश्यों को पूर्ण करने हेतु पूण्य सम्राट जयंत सेन सूरीश्वर जी ने शिक्षा का एक लक्ष्य दिया था जिसे परिषद की पूरी टीम ने लगन के साथ पूर्ण करने का प्रयास किया जिसमे उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है करीब बारह सौ बच्चो ने इस योजना में भाग लिया था जिसमे से करीब दोसो से अधिक बच्चो ने उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया है जो सराहनीय है। परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री अशोक श्रीश्रीमाल द्वारा श्री यतीन्द्र जयंत ज्ञानपीठ के बच्चों से गुरुवंदन, चैत्य वंदन, सामायिक विधि, देव वंदन विधि, राई देवसिय प्रतिक्रमण, पंच प्रतिक्रमण की विधि पूछी, इस आयोजन में राजगढ़ पाठशाला से मांगीलाल मामा, शिनी जैन एवं ताराबाई बाफना के नेतृत्व में 20 बच्चों ने भाग लिया जिनमे से 14 बच्चो को उत्कृष्ट प्रदर्शन पर विशेष रूप से सम्मानित किया। प्रांतीय शिक्षा मंत्री संगीता द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष व अभियान लाभार्थी रमेश भाई धरु को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। संघवी धीरजलाल गगलदास परिवार सूरत द्वारा प्रभावना वितरित की गई। आयोजन में श्री संघ के सभी वरिष्ठ, परिषद परिवार के समस्त राष्ट्रीय,प्रांतीय पदाधिकारीगण, म.प्र.परिषद परिवार के शाखाओं के अध्यक्ष, सचिव, शिक्षा सचिव, ज्ञानपीठ के केंद्राध्यक्ष आदी उपस्थित थे।

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