Home चेतक टाइम्स भोपाल - राज्यपाल का कुलपतियों के साथ सीधा संवाद, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर...

भोपाल – राज्यपाल का कुलपतियों के साथ सीधा संवाद, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दें विश्वविद्यालय – राज्यपाल श्री टंडन

भोपाल। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन में शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से चर्चा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और परिसर की उत्कृष्टता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए समय-सीमा तय कर रिक्त पदों की पूर्ति, स्वच्छ और हरा-भरा परिसर विकसित करने, समृद्ध पुस्तकालय और आधुनिक प्रयोगशालाओं की व्यवस्था करने के लिए कहा। राज्यपाल श्री टंडन ने कुलपतियों से कहा कि कार्य संस्कृति परिणाम मूलक होनी चाहिए। संसाधनों का अभाव बताकर परिणाम नहीं देने की प्रवृत्ति को बदलना होगा। नये वक्त के बदलाव के साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़ने वालों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नैक और रूसा की ग्रेडिंग, नई परियोजनाओं और केन्द्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से विश्वविद्यालय को भरपूर संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं। जरूरत प्रगतिशील और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने की है। विश्वविद्यालयों को अपने वित्तीय स्त्रोतों का नियोजन इस तरह से करना चाहिए कि स्वयं के साधनों से 50 प्रतिशत और शेष 25-25 प्रतिशत सरकार और अन्य मदों से अर्जित हो। जिस विश्वविद्यालय की उच्च गुणवत्ता वाले शोध और रोजगार परक शिक्षा होगी, उसके सामने कभी भी संसाधनों की कमी नहीं होगी। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर और प्रबंधन से जुड़ी अनेक छोटी-छोटी बातें गुणवत्ता निर्धारण की नैक ग्रेडिंग में बड़ा गहरा प्रभाव रखती हैं। आवश्यक है कि सभी विश्वविद्यालय अपने परिसर की स्वच्छता, प्रयोगशाला और पुस्तकालय की समृद्धता, जल एवं ऊर्जा संरक्षण और स्वावलंबन कार्यों पर विशेष ध्यान दें। आश्रित मानसिकता वाले दृष्टिकोण का अब कोई भविष्य नहीं है।

राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन राष्ट्र सेवा का माध्यम है। देश के भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की है। आज की शिक्षा भावी पीढ़ी के भविष्य का आधार है। विश्वविद्यालय की उच्च ग्रेडिंग उत्कृष्ट परिसर, शोध की उपलब्धियाँ, राष्ट्रसेवा के पदक के समान है। श्री टंडन ने विश्वविद्यालयों की नैक ग्रेडिंग प्रयासों की मज़बूती पर विशेष बल दिया। राज्यपाल ने नैक संचालकों, रूसा विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रतिनिधियों के साथ विश्वविद्यालयों की संयुक्त गोष्ठियाँ आयोजित करने के लिये कहा। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री हरिरंजन राव ने बताया कि इंटीग्रेटेड यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम और कॉलेज मैनेजमेंट सिस्टम के लिए राज्य सरकार द्वारा 30 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे ने विश्वविद्यालयों को शोध परियोजनाओं के माध्यम से आय के स्त्रोत विकसित करने की सम्भावनाएँ तलाशने को कहा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!