सारंगी। आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को चौकी परिसर में शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जो  पुरी तरह असफल रहा। बैठक में सिर्फ चौकी स्टॉफ के व्यक्तिगत संबंध वालों को ही बैठक में बुलाया गया। सारंगी के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, पटेल, तड़वी, व्यापारी और हर समाज के प्रतिनिधि, धार्मिक व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल नही हुए। गणमान्य नागरिकों का कहीं ना कहीं पुलिस और नागरिकों के बीच मधुर संबंध ना होना भी दर्शाता है।  पुलिस का ग्रामीणों के साथ व्यवहार संतोषजनक नहीं है तो किसी भी अपराध में आरोपी तक पहुंच पाना संभव नहीं है। पुलिस विभाग सिर्फ अपने ऊपर बैठे उच्च अधिकारियों को आम जनता के बीच अपने व्यवहार को बताने के लिए शांति समिति की बैठक या गांवों में जाकर सिर्फ फोटो खिंचवा कर उच्च अधिकारियों को भेज कर अपनी पीठ थपथपवा लेते हैं, परंतु ग्रामीण और पुलिस के बीच का संबंध सिर्फ ग्रामीण जनता ही जानती है।  शांति समिति की बैठक का समय शाम चार बजे था परंतु नागरिकों के उपस्थिति नहीं होने से बैठक का समय पांच बजे किया गया फिर भी नाम मात्र के लोग बैठक में पहुंचे बैठक में ज्यादातर कुर्सियां खाली ही पड़ी रही। 

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