झाबुआ।  गुरूवार को स्थानीय नेचुरल रेसीडेंसी सभागार झाबुआ में महिला बाल विकास एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ के संयुक्त तत्वाधान में महिला सुरक्षा एवं पोस्को एक्ट के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह-कार्यशाला तथा महिला सशक्तिकरण जागरूकता शिविर का आयोजन जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ श्री राजेश कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए अपर जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ श्री राजेश देवलिया ने कहा कि महिला सुरक्षा हेतु जागरूकता के साथ-साथ कानूनी संरक्षण आवश्यक है महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों के मामलों में आरोपियों को सख्त एवं प्रभावी दंड दिये जाने के लिये लैगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 एक प्रभावी कानून है। महिला बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय चौहान ने बताया कि झाबुआ जिले में लिंगानुपात की दर प्रति 1000 बालकों पर 924 बालिकाओं की स्थिति चिंताजनक है लिंगानुपात में वृद्धि के लिये बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे जनहितैषी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण स्थान है। इसके लिये बालिकाओं की शिक्षा उनके स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर सभी संबंधित संस्थाओं, विभागों की अहम भूमिका है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आनन्द सिंह वास्कले ने कहा कि महिला अपराधों की रोकथाम के लिये महिला पुलिस इकाई प्रत्येक थाने में कार्य कर रही है एवं संवेदनशील स्थानों जैसे- गर्ल्स स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटरो, बाजार आदि में महिला पुलिस की सक्रियता बढाई गई है। उपरोक्त प्रशिक्षण सह-कार्यशाला में महिला सुरक्षा एवं अधिकार तथा लैंगिक अपराधों की रोकथाम के संबंध में पुलिस अधिकारियों, स्कूल प्राचार्यो एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में पुलिस उप-अधीक्षक श्री आशीष पटेल महिला बाल विकास अधिकारी श्री एस.एस. बघेल, यूनिसेफ की ओर से राज्य समन्वयक श्रीमती इंदू सारस्वत एवं श्रीमती सीमा जैन भोपाल, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य श्री सखलेचा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री जिम्मी निर्मल के द्वारा किया गया।

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