धार। द्वितीय अपर सत्र न्‍यायाधीश श्री राजाराम  बडोदिया द्वारा दिनांक 23/03/2021 को आरोपी रवि पिता यंशवत मराठा निवासी सुदामा नगर इंदौर एवं आरोपी बंटी उर्फ राहुल पिता विजय मराठा निवासी सुदामा नगर इंदौर को धारा  34(1)(क)/2  आबकारी अधिनियम के अतंर्गत  2-2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 50-50 हजाररूपये अर्थदण्‍ड से दण्डित किया। 

माननीय मजिस्‍ट्रेट न्‍यायालय द्वारा पारित निर्णय से व्‍यथित होकर धारा 34(1)(क)/2 आबकारी अधिनियम का अपील प्रस्‍ताव श्री सावन सिंह गाडरिया (ए.डी.पी.ओ.) द्वारा अपील प्रस्‍ताव तैयार कर  सत्र न्‍यायालय में अपील की थी। 

पीथमपुर में आयसर चौराह पर आरोपी रवि अपनी कार से अवैध अग्रेजी शराब 21 पेटी किंग व्‍हीस्‍की के क्‍वार्टर लेकर जा रहा था। जिस पर से पुलिस द्वारा मुखबिर से सूचना प्राप्‍त होने पर मौके पर कार को रोककर तलाशी लेने पर उसमें अवैध शराब आरोपीगण के कब्‍जे से बरामद कि तथा प्रकरण मजिस्‍ट्रेट न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया गया था। अधिनस्‍थ न्‍यायालय द्वारा दिनांक 28/07/2017 को निर्णय पारित करते हुए आरोपीगण को दोषमुक्‍त कर दिया गया था। जिससे अंसतुष्‍ट होकर राज्‍य/ शासन कि ओर से अपील प्रस्‍तुत कि गई थी। तर्क के दौरान अपीलीय न्‍यायालय द्वारा यह अवधारित किया गया कि किसी साक्षी पर मात्र इस कारण से अविश्‍वास नही किया जा सकता कि वह पुलिस का कर्मचारी है। जिस प्रकार से दुसरे व्‍यक्तियो के बारे में यह उपधारणा की जाती है कि वह ईमानदारी से कार्य करता है उसी प्रकार पुलिस वालो के पक्ष में भी यही उपधारणा लागु होती है । यह न्‍यायिक तरीका नहीं है कि पुलिस वालो के कथन को बिना किसी आधार पर संदिग्‍ध या अविश्‍वसनीय समझा जाए। इस प्रकार एस.आई. के.एस.बुंदेला द्वारा कि गई कार्यवाही पर एवं आरोपीगण के कब्‍जे से  बरामद अवैध शराब को आरोपीगण के द्वारा अवैध परिवहन करना पाया एवं अभियोजन द्वारा कि गई अपील को स्‍वीकार कि जाकर उक्‍त धाराओ में आरोपीगण को दोषसिद्ध किया गया।  राज्‍य/शासन की ओर से माननीय सत्र न्‍यायालय में पैरवी अपर लोक अभियोजक सतीश ठाकुर द्वारा कि गई।

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