सरदारपुर। केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा बिना किसानो की सहमति के गुपचुप तरीके से 3 काले कृषि कानून को पारित कर दिया गया है, देश की राजधानी नई दिल्ली मे सिंधु बार्डर पर 72 दिन से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड आदि राज्यो के किसान धरना प्रदर्शन कर रहे है, लेकिन मोदी सरकार उनकी कोई बात नही सुन रही है और कृषि प्रधान देश मे किसान विरोधी काले कानून लाकर केन्द्र सरकार द्वारा किसानो को ठगने की कोशिश की जा रही है। लेकिन देश का अन्नदाता हार मानने वाला नही है यह बात सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल द्वारा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग को सांकेतिक रुप से चक्काजाम कर प्रधानमंत्री के नाम पर तहसीलदार प्रकाश परिहार को ज्ञापन सौपने के दौरान कही। ज्ञापन मे बताया कि नए कानून किसानो के लिए गहरे संकटो का कारण बन गया है। नए कानून मे व्यापारी मनमानी करेंगे। किसानो की उपज के मूल्य की ग्यारंटी नही होने से किसानो से मनमाने भाव पर उपज खरीदी जाएगी जिसमे न पारदर्शिता होगी और न ही सुरक्षित भुगतान की समुचित व्यवस्था होगी। नए कानून के अनुसार अगर किसान को उसकी उपज का भुगतान नही मिला तो किसान न ही पुलिस मे रिपोर्ट कर सकता है और न ही अदालत मे जा सकता है। यह कानून न सिर्फ किसानो के लिए बल्कि आम जन के लिए भी खतरनाक है। नए कानून से आशंका है कि कृषि क्षेत्र भी पूंजीपतियो या काॅरपोरेट घरानो के हाथो मे चला जाएगा, मंडियो को खत्म कर दिया जाएगा जिससे न्युनतम समर्थन मूल्य खत्म हो जाएगा।

इस दौरान ब्लाॅक अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, राजगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष भंवरसिंह बारोड, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्रसिंह राठौर, युवक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश चौधरी, ब्रजेश ग्रेवाल, दिलीप वसुनिया, मैना मारू, राजु बाई, सोहन पटेल, केकडिया डामोर, शंकरदास बैरागी, राजेश यादव, भारत सेन, जिवन धाकड, परवेज लोधी, राधेश्याम जाट, विरसन भगत, दिनेश मोलवा, भानुप्रतापसिंह, अनिल नर्वे, कैलाश भुरिया, छगन पाटीदार, पप्पालाल जाट, बंटु बना, भारत सिंगार, रायचन्द डामर, नंदराम डामर, किशोर कटारा, दरियाव सरपंच, अजय चोयल, लोकेन्द्रसिंह सिसौदिया, त्रिलोकसिंह पडियार आदि किसानगण एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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