सरदारपुर। 10 फरवरी अमर शहीद महाराजा बख्तावर सिंह जी के बलिदान दिवस पर शासकीय चिकित्सालय अमझेरा में रक्त के तुलादान का एतिहासिक आयोजन किया गया। जिसमें मध्यप्रदेश शासन के ओद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग मंत्री एवं महाराजा बख्तावर सिंहजी के वंशज राजा राजवर्धनसिंह दत्तीगांव का रक्त के द्वारा तुलादान किया गया। महाराजा बख्तावर सिंहजी के त्याग, समर्पण, जन-जन के प्रति आस्था एवं विश्वास की परंपरा का निर्वहन करते हुए स्वर्गीय राजा साहब प्रेमसिंहजी दत्तीगांव ने जन-जन के लिये अपना सर्वस्व बलिदान दिया। उसी परंपरा का निर्वहन करते हुए राजा राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने जन-जन की सेवा को ही अपना धर्म माना। जन-जन की उनके और राजपरिवार के प्रति आस्था और समर्पण भाव ही है जिन्होंने अपने यशस्वी राजा का रक्त से तुलादान कर मानव कल्याण का ऐतिहासिक एवं अनुकरणीय कार्य किया। इस विशेष दिवस पर उनके सम्मान में अनेक कार्यक्रमो का आयोजन किया गया जिनमे वे शामिल हुए। उन्होंने प्रातः रक्तदान कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन किया और सायं रक्त के द्वारा उनके तुलादान के पश्चात विधिवत समापन हुआ। रक्तदान कार्यक्रम के संयोजक डॉ. आशीष वैद्य ने बताया कि इस रक्त दान में कुल 305 यूनिट रक्तदान हुआ। मंत्री दात्तीगांव के वजन 87 किलोग्राम से भी अधिक लगभग 111 किलोग्राम का रक्तदान हुआ । रक्तदान के लिये अभूतपूर्व उत्साह व समर्पण देखा गया। हर जाति, धर्म, सम्प्रदाय एवं वर्ग के लोगों ने रक्तदान में योगदान दिया। जितनी यूनिट का रक्तदान हुआ उससे भी कई अधिक लोग इस पुनीत कार्य के लिये प्रतीक्षारत थे। नारी शक्ति ने भी पीढ़ी दर पीढ़ी जन जनार्दन की सेवा में समर्पित परिवार के प्रति रक्तदान करते हुए अपनी आस्था व्यक्त की। पहला रक्तदान भी नारी शक्ति के द्वारा ही किया गया। राजपुरा की कु. कृष्णा कुमावत ने सर्वप्रथम रक्तदान किया। इस तुलादान में अलग- अलग सेक्टर प्रभारीयों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए मानव कल्याण का कार्य किया है। समस्त सेक्टर प्रभारी एवं रक्तदाताओं का प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया। रक्दान में डॉक्टर अनिल वर्मा, प्रभारी ब्लड बैंक व उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। रक्तदान कार्यक्रम में अमझेरा, राजगढ़, सरदारपुर एवं क्षेत्र के समस्त चिकित्सकों ने समर्पित भाव से अपना अभूतपूर्व योगदान दिया।  कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय ओज कवि यशवंत चौहान के द्वारा किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता को समर्पित उनकी पर काव्यकृति मुक्ताहार का लोकार्पण राजमाता कुसुमसिंह दत्तीगांव के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संयोजक मंडल की ओर से बालकृष्ण पटाट, नीलेश सोनी, नीलाम्बर शर्मा, अखिलेश यादव, दीपक गर्ग, ओमनारायण सिंह,  शुभम दीक्षित, मुन्नालाल कामदार, प्रकाश पंडित, मोहनलाल मारू, पप्पू अजनारे आदि ने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिये सभी रक्त दानदाताओं का आभार व्यक्त किया।

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