रिंगनोद। समीप गांव गुमानपुरा मे श्री देवनाराण भगवान के जन्मदिवस के उपलक्ष्य मे सगीतमय सात दिवसीय श्री देवनारायण भगवान भागवत, सँवाई भोज बगडावत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा वाचक संत श्री गोपालजी शास्त्री शांतिकुंज हरिद्वार दीक्षित, मंदसौर वाले के मुखारविंद से पांचवें दिन चौबीस भाई बगडावत एवं साडु माता सती की कथा सुनाई गई। कथा मे भगवान ने घर जाकर भिक्षा मांगी जब माता ने भगवान को देखा भगवान बोले मां मुझे पहचान लिया। माता ने कहा हे नारायण तु जगत पिता है, तु जगत का  पालन हार है भगवान बोले हे सती तु वरदान मांग तु जो चाहती है, माता सती कहती है जनम-जनम मुनी यतन कराई अतः राम पावत नाही, जन्मो जन्मो तपस्या करने के बाद भी भगवान नही मिले पर तुम‌ मेरे द्वार पर खडे हो क्या मांगु। भगवान बोले माता सती तु वैकुण्ठ मांगले माता सती कहने लगी की मेरी गड़ गोठा कोई वैकुण्ठ से कम नही है, भगवान बोले की  माता सती माया मागले माता सती बोली आपने इतनी माया दी की दिन मे दान करु या खर्च तो दो गुना बडे रात मे दान करु या खर्च तो चार गुना बडे बहुत सा धन पडा कोई कमी नहीं गड़ गोठो, जैसा सुसराल है सवाई भोज मेरा पति है तेवीस मेरे देवर है, तेवीस मेरे देवराणीया है नौ लाख अस्सी हजार गाया है। हिरा दासी मेरा घर का काम करे आपके वैकुण्ठ से कम कोनी पति आपसे कम कोनी पति परमात्मा से महान है, वही चौबीस भाई बगडावतो का वर्णन किया। कथा श्रवण करने रिगनोद, रतनपुरा, कंजरोठा, नयापुरा, तीरला सहीत आसपास क्षेत्र के बडी संख्या मे श्रद्धालु पहुँच कर कथा श्रवण कर रहे है। 

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