विनोद सीरवी, धुलेट। सिर्वी समाज द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी शनिवार को माहीं बीज महोत्सव बडे ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। माहीं बीज की पुर्व संध्या में श्री आईमाताजी के मंदिर में भजन कीर्तन हुए जिसमे बड़ी सख्या में लोगों ने भाग लिया था । माहीं बीज के दिन माताजी मंदिर को फुलो से सजाया गया। श्री आईमाताजी का मन्दिर भव्य अति सुंदर दिखाई दे रहा था , जैसे श्री आईमाताजी का अव्दितीय प्रकाश यही से फेल रहा हो। माहीं बीज के दिन सवेरे सभी भक्त जन माताजी के मंदिर में भोग के लिए खीर, लापसी, नारीयल, घी इत्यादि लाये। सुबह की आरती के साथ प्रसादी वितरित हुई। ढोल ढमाको व बैंड की मधुर ध्वनि  व सिर्वी समाज के प्रतिक चिन्ह लिए गांव में भव्य शोभायात्रा निकली व शानदार नृत्य व डांडिया रास हुआ, तथा महिलाओं व्दारा आईमाताजी के मंगल गान गाये गये। आईमाताजी के जयघोष से आसमान गुंज रहा था। शोभायात्रा  बडे चोक से होते हुए  कालका माता मंदिर पहुंची वहा से राष्ट्रीय राजमार्ग होते हुए गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पहुँची जहां, आगे- आगे भक्तों द्वारा नृत्य किया गया। कमलेश पटेल द्वारा केले वितरित किए गए। वहां से शोभायात्रा छोटा चौक पहुंची।शोभायात्रा आई माताजी के मंदिर पहुँची। यात्रा में श्रध्दा ,भक्ति, आस्था संग उत्साह  का आलम था। धुलेट की सडको, मोहल्लों में भक्तों का सैलाब उमडा था।शोभायात्रा के अन्त में महाआरती के बाद प्रसादी वितरण की गई। 

स्मरणीय है कि विक्रम सम्वत 1557 शनिवार के दिन जगतजननी आराध्य देवी श्री आईमाता ने माधवजी के सुपुत्र गोविंददासजी राठौड़ सिर्वी को पाठ पर बिठाकर अपने पँथ का प्रथम दिवान नियुक्त किया था। तब से आजतक देशभर में लाखों आईपंथी सिर्वी समाज माही बीज पर्व मनाते आ रहे हैं। वर्तमान में श्री माधवसिंहजी राठौर बिलाड़ा जोधपुर, आईपंथ के 19वे दीवान है।

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