राजगढ़। आचार्यश्री ऋषभचंद्रसूरिश्वरजी के शिष्य मुनिश्री रजतचंद्रविजयजी एवं मुनिश्री जिनभद्र विजयजी का शनिवार दोपहर को मोहनखेड़ा तीर्थ पर प्रवेश हुआ। मुनिश्री की पावन निश्रा में बदनावर के शंखेश्वर पूरम तीर्थ पर 125 आराधरों द्वारा अठ्ठप तप की आराधना हुई थी। बदनावर उग्र विहार करते हुए नागदा में मंगल प्रवेश के अवसर पर प्रवचन हुए थे। इसके बाद दसई में मुनिश्री जिनभद्र विजयजी म.सा. के दीक्षा का प्रथम पूर्ण होने पर दो दिवसीय महोत्सव आयोजन हुआ। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक प्रताप ग्रेवाल मुख्य अतिथि थे। दसई श्रीसंघ ओर से विधायक ग्रेवाल बहुमान किया गया। इस अवसर पर विधायक ग्रेवाल ने धर्मसभा में कहा कि जीवन के अंदर जन्म लेना उतना महत्वपूर्ण नहीं हैं। जितना दीक्षा लेकर जीवन को अंगीकार करना हैं। मोहनखेड़ा प्रवेश के अवसर परश्री मोहनखेड़ा तीर्थ पर मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी की आगवानी मुनिश्री चंद्रेश विजयजी, मुनिश्री पुष्पेंद्र विजयजी, मुनिश्री जनकचंद्र विजयजी, साध्वीश्री मनीषाश्रीजी, आहोर ट्रस्टी कमलचंद्र लुणिया, प्रबंधक अर्जुनप्रसाद मेहता ने की। संघ पूजा अल्पेष रोकड़िया, लक्ष्मण डामेचा ने की। आगवानी के पष्चात् मुनिश्री भगवान आदिनाथ, गुरूदेेव एवं तीर्थ विराजित आचार्यश्री ऋषभचंद्रसूरिश्वरजी को  वंदन किया। इस अवसर पर, दीपक जैन, राजेश भंडारी, माणकचंद पगारिया, आकाश जैन, हसमुख पंडित , जोनेश जैन, पीयूश जैन आदि  उपस्थित थे।

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