नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को राजनीतिक वंशवाद को लोकतंत्र का ‘‘सबसे बड़ा दुश्मन’’ करार दिया और इसे जड़ से उखाड़ने का आह्वान करते हुए युवाओं से राजनीति में आने की अपील की। उन्होंने वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए दूसरे राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने का काम तथा उसे आत्मनिर्भर बनाने का काम देश के युवाओं के कंधे पर है।  उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन है राजनीतिक वंशवाद। यह देश के सामने ऐसी चुनौती है, जिसे जड़ से उखाड़ना है। अब केवल ‘सरनेम’ के सहारे चुनाव जीतने वालों के दिन लद गए हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति में ‘‘वंशवाद का रोग’’ अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और अब भी ऐसे लोग हैं जिनका लक्ष्य अपने परिवार की राजनीति और राजनीति में अपने परिवार को बचाना है।  उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक वंशवाद ‘देश प्रथम’ के बजाय ‘मैं और मेरा परिवार’ की भावना को मजबूत करता है। यह भारत में राजनीतिक और सामाजिक भ्रष्टाचार का भी एक बहुत बड़ा कारण है।’’ राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने युवाओं से राजनीति में आने और भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘इस स्थिति (वंशवाद) को बदलने का जिम्मा देश की जागरूकता पर है। देश की युवा पीढ़ी पर है। आप राजनीति में ज्यादा से ज्यादा संख्या में आएं। बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। कुछ कर गुजरने की सोच के साथ आगे बढ़ें। जब तक देश का सामान्य युवा राजनीति में नहीं आएगा, वंशवाद इसी तरह हमारे लोकतंत्र को कमजोर करता रहेगा। इस देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए आपका राजनीति में आना जरूरी है।’’  इस अवसर पर लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और युवा मामले तथा खेल मंत्री किरेन रिजिजू भी उपस्थित थे। राष्ट्रीय युवा महोत्सव हर साल 12 से 16 जनवरी तक मनाया जाता है। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती है। इसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस साल राष्ट्रीय युवा महोत्सव के साथ राष्‍ट्रीय युवा संसद समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्देश्‍य देश के युवाओं की प्रतिभा सामने लाने तथा उन्‍हें अपनी प्रतिभा को दर्शाने का मंच प्रदान करना है।

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