विनोद सिर्वी, धुलेट। जो व्यक्ति धर्म की रक्षा करता है। स्वयं धर्म भी उसकी रक्षा करता है। हमने अपने धर्म की रक्षा के लिए भी प्राणों को न्यौछावर करना पड़े तो इसके लिए पीछे नहीं हटना चाहिए। बाबर ने 1528 मैं विक्रमादित्य कालीन राम मंदिर को ध्वस्त कर बाबरी मस्जिद बना दी। हमारे टुकड़ों टुकड़ों में बटा हिंदू धर्म का लाभ बाबर ने उठाया इसलिए अब हमें एकजुट होकर रहना चाहिए। मस्जिद बनने से 9 नवंबर 2019 तक कई ऐसे मोड़ आए जिसमें लाखों हिंदुओं की जान राम मंदिर निर्माण के लिए गई। उक्त बात विहिप के धार जिला अध्यक्ष परमानंद जी विश्वकर्मा ने श्री राम मंदिर निधि समर्पण अभियान के तहत गुरुवार को गांव धुलेट में निकाली गई पालकी यात्रा के दौरान योगमाया मंदिर में भी की गई। विश्वकर्मा ने बताया कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए  हजारों करोड़ रुपये का फंड जुटाया जाएगा। ये पैसा न तो सरकार देगी न कोई बड़ा घराना। देश के हर घर, हर परिवार से  रुपये एकत्र कर भव्य मंदिर के लिए विशाल फंड का निर्माण करेंगे।इसमें देशभर के गांव और शहरों में रहने वाले करोड़ों परिवारों से संपर्क किया जाएगा।   



ट्रस्ट की ओर से कूपन तैयार हो चुके है। चंदा जमा करने के लिए देश के हर जिले के लिए एक चार्टेड अकाउंटेंट और क्यूआर कोड भी अलॉट किया गया है। धन संग्रह की ही मुहिम नहीं है। हजारों-लाखों लोग पहले भी अनुदान दे रहे हैं। इसीलिए यह सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना की भी मुहिम है। श्रीराम देश की हर धड़कन में बसते हैं। और राष्ट्र की अस्मिता का विषय हैं। ऐसे में रामकाज के लिए हर गांव और हर द्वार तक पहुंचकर श्रीराम के नाम की अलख जगाने का प्रयास है। इस अभियान से देश के करोड़ों दिलों में संवेदनाओं और संस्कृति का ऐसा रामसेतु को बनेगा जो पूरे देश को एक सूत्र में पिरोएगा। यही वजह है कि पैसे से अधिक समर्पण का भाव पैदा करने की अधिक मुहिम है। पालकी पालकी यात्रा का प्रारंभ गुक्तेश्वर महादेव मंदिर से किया गया। जहां रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर पालकी यात्रा का स्वागत किया गया। पालकी यात्रा के समापन के पश्चात महा आरती का महा प्रसादी का वितरण किया गया इस दौरान विहिप के जिला सह मंत्री हरिओम श्रीमाली, बाबूलाल चौधरी, सरपंच प्रतिनिधि बहादुर सिंह चारेल, मोनू सोलंकी, सत्यनारायण वैष्णव ,गोपाल हामड, दिलीप पटेल, संजय लछेटा, राहुल मण्डवाल ,लोकेंद्र पांडे ,प्रकाश चौधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

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