नई दिल्ली। दिल्ली दंगे में घायल हुए पुलिस के जवानों से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मिलेंगे। अमित शाह आज दोपहर 12 बजे तीरथराम और सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर जाएंगे और दिल्ली पुलिस के घायल जवानों से मुलाकात करेंगे। आपको बता दें कि 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा में करीब 394 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। शाह ने दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर परेड में हिंसा के एक दिन बाद बुधवार को सुरक्षा हालात और शहर में शांति सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की थी। गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली में हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा कई किसान नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने के बाद बुधवार को किसान नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेताओं ने हिंसा की नैतिक जिम्मेदारी ली और आम बजट (1 फरवरी) वाले दिन प्रस्तावित संसद मार्च स्थगित कर दिया है। सिंघु बॉर्डर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए किसान नेताओं ने दिल्ली हिंसा की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि किसान संगठनों ने 1 फरवरी का संसद मार्च स्थगित कर दिया है।

किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि 30 जनवरी को देश भर में आम सभाएं व भूख हड़ताल आयोजित की जाएंगी, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। ट्रैक्टर रैली सरकारी साजिश से प्रभावित हुयी। एक फरवरी को बजट पेश किए जाने के दिन संसद मार्च की योजना रद्द कर दी गयी है।  किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुयी हिंसा पर स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि लाल किला की घटना पर हमें खेद है और हम इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कल (26 जनवरी) दिल्ली में ट्रैक्टर रैली काफी सफलतापूर्वक हुई। अगर कोई घटना घटी है तो उसके लिए पुलिस प्रशासन ज़िम्मेदार रहा है। कोई लाल किले पर पहुंच जाए और पुलिस की एक गोली भी न चले। यह किसान संगठन को बदनाम करने की साजिश थी। किसान आंदोलन जारी रहेगा। दिल्ली में 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने 25 से ज्यादा केस दर्ज किए हैं, अभी तक कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया है और 50 से ज्यादा लोग हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने ये जानकारी दी। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने कहा- हिंसा करने वालों का वीडियो हमारे पास है, जांच चल रही है। हिंसा में सभी किसान नेता शामिल थे। हिंसा करने वालों के वीडियो हमारे पास हैं, फेस रिकगनिशन के जरिए दंगाइयों की पहचान करेंगे। सभी किसान संगठनों से पूछताछ की जाएगी। 308 ट्वीटर हैंडलसे किसानों को भड़काया गया। इंटेलिजेंस की नाकामी नहीं।

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