सरदारपुर। किसान कांग्रेस कमेटी सरदारपुर द्वारा गुरूवार को महामहिम राज्यपाल के नाम पर अनुविभागीय अधिकारी सरदारपुर को ज्ञापन सौंपकर केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानून को निरस्त करने, एम.एस.पी. अनुसार मण्डी मे खरीदी करने एवं युरिया पर्याप्त मात्रा मे किसानो को उपलब्ध करवाने की मांग की है। ज्ञापन मे बताया गया है कि कृषि कानून के खिलाफ धरना देने के लिए हजारो किसानो द्वारा दिल्ली की तरफ पैदल कूच किया गया। देश भर के किसानो की सबसे बडी नाराजगी और मोदी सरकार के खिलाफ उनका राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने का सबसे बडा कारण नया कृषि कानून है। नए कृषि कानून के चलते न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) के खत्म होने का डर है। देश भर के किसान अब तक अपनी फसलो को आस-पास की मंडियो मे बेचते आए है किसान जिन फसलो को आस-पास की मंडियो मे बेचते आए है जिनका न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एम.एस.पी. सरकार तय करती थी। वही इस नए किसान कानून के बाद सरकार ने कृषि उपज मंडी समिति से बाहर कृषि कारोबार को मंजूरी दे दी है जिसके चलते अब किसानो को डर है कि उन्है उनकी फसलो का उचित दाम नही मिल पाएगा। किसान चाहते है कि सरकार ये कानून वापस ले। नए कानून से अब कारोबारी सीधे किसानो से कम दाम पर अनाज खरीदेंगे। इससे आने वाले समय मे मंडिया पूरी तरह से खत्म हो जाएगी और किसान सीधे तौर पर व्यापारियो के हवाले हो जाएगा। मोदी सरकार नया कृषि कानून मूल रूप से व्यापारियो के हित मे लाया गया है और किसानो कमजोर करने का प्रयास किया गया है। साथ ही वर्तमान मे मध्यप्रदेश के धार जिले मे किसानो को पर्याप्त मात्रा मे यूरिया खाद उपलब्ध नही हो रहा है। किसानो को प्रति बीघा दिये जा रहे यूरिया खाद मे भी बढौतरी की जाए। किसान हित मे अगर हमारी मांग पूरी नही की जाती है तो किसान कांग्रेस कमेटी सरदारपुर द्वारा चरणबध्द आंदोलन किया जाएगा जिसकी समस्त जवाबदारी शासन-प्रशासन की रहेगी। ज्ञापन का वाचन चन्दरसिंह पटेल ने किया, इस दौरान ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, बालमुकुन्द पाटीदार, किसान कांग्रेस प्रदेश महासचिव भेरूसिंह बडगोता, नरसिंह हामड, राजेन्द्र लोहार, जगदीश पाटीदार, राधेश्याम जाट, केकडिया डामोर, कोदरसिंह पटेल, अखिलेश चन्देरिया, रमेश मोलवा, विरसन भुरिया, सुभाष पटेल, दुलेसिंह भूरिया, कुलदीप पटेल, राम केवट, अनिल प्रजापत, बंशीलाल, रामकिशन आदि किसानगण उपस्थित थे।

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