धार। शनिवार को जैन समाज की अनंत आस्था के आयाम पुण्यसम्राट राष्ट्र-लोकसंत आचार्य देवेश श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के 85 वे जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। प्रातः 06:30 बजे मंगल गीत गाए गए, इसके पश्चात श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर में सामूहिक स्नात्र पूजन, सामुहिक भक्तामर स्तोत्र एवं‌ गुरु गुण स्मरण पाठ और पूज्य साध्वीजी श्री अमित प्रगणिया श्रीजी मसा की मंगल निश्रा में गुरु गुणानुवाद सभा का आयोजन हुआ। जिसकी शुरुआत मसा के मंगलाचरण से हुई। उसके पश्चात अरिहंत ग्रुप की बहनों द्वारा स्वागत गीत गया। इसके पश्चात संघ के वरिष्ठ सुरेशचंद्र भण्डारी, महेन्द्र अम्बोर, राजेन्द्र छजलानी, मनोज श्रीश्रीमाल, शरद धोका, मोहित तांतेड आदि के द्वारा द्वीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण किया गया। आयोजन की जानकारी देते हुए मोहित तांतेड ने बताया कि पूज्य साध्वीजी श्री द्वारा गुरु का जीवन में क्या महत्व‌ है, इस विषय में पर सुंदर प्रवचन दिए। गुरुदेव के जीवन पर सुरेशचंद्र भण्डारी एवं मोहित तांतेड ने प्रकाश डाला। 

गुरुपद पूजन का लाभ झमकलाल मनोहरलाल तांतेड परिवार ने लिया। तथा सायं की आरती का लाभ महिला ‌परिषद् शाखा धार ने लिया। कार्यक्रम में झमकलाल तांतेड, विरेन्द्र लुणिया, तेजकुमार मेहता, अशोक मेहता, विपीन लुणिया, अमित डूंगरवाल आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन तरुण परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आदित्य धोका ने किया। व़हीं दोपहर में अंत्योदय में भोजन वितरण व वृद्धाश्रम में मिठाई वितरण आदि कार्य भी किए गए। तथा रात्रि में महिला परिषद् द्वारा चौविशी गान एवं महा आरती की गई। उक्त जानकारी पीयूष जैन ने दी।

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