राहुल राठौड़, राजोद। पहले विवाहिता का इलाज किया, बाद में 700 रू. प्रतिदिन हेल्पर के रूप में सेलेरी देने को कहा। महिला काम पर आने लगी तो तीन दिन सतत ज्यादती की, बाद में महिला के निवास पर जाकर बात किसी को नही बताने अन्यथा जान से मारने की धमकी दी तो महिला ने पति के साथ राजोद थाने आकर चिकित्सक के विरूद्ध ज्यादती का प्रकरण दर्ज कराया। जानकारी के अनुसार थांदला निवासी विवाहिता राजोद में उपचार के लिए डॉ. अमित पंवार के क्लिनीक पर आई थी, चिकित्सक ने इलाज लिखा और 15 दिन बाद वापस बुलाया, महिला पति के साथ और दवा ली तो चिकिसक ने कहा कि उसे हेल्पर की जरूरत है सात सो रूपए प्रतिदिन सेलेरी देगें। इसके बाद महिला काम करने के लिए आने लगी। रिपोर्ट के अनुसार एक दिन जब महिला उपरी मंजिल पर दवा जमा रही थी कि अचानक चिकित्सक ने उसे पकड़कर ज्यादगी कर डाली उसके भी दो दिनो तक यही क्रम चलता रहा। बाद में पंवार ने उसके निवास पर जाकर किसी को बात नही बताने नही तो जान से मार डलने की धमकी दी। महिला ने पति के साथ राजोद थाने में प्रकरण दर्ज कराया। बीएस वसुनिया थाना प्रभारी राजोद ने बताया की आयुर्वेदिक क्लिनीक संचालक डॉ. पवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 376 और 506 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। 

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