भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिगड़ते पर्यावरण से समाज के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है। सौर ऊर्जा सहित अक्षय ऊर्जा के अन्य साधनों का उपयोग हमें इस खतरे से बचा सकता है। मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करके दिखायेगा। वर्ष 2010 में मध्यप्रदेश में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग बनाया गया। वर्ष 2012 में 400 मेगावॉट के सौर ऊर्जा उत्पादन के बाद वर्तमान में नवकरणीय ऊर्जा से 5000 मेगावॉट उत्पादन तक हम पहुँच चुके हैं। वर्ष 2022 तक 10 हजार मेगावॉट उत्पादन का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मिन्टो हाल सभाकक्ष में एनर्जी स्वराज यात्रा प्रारंभ होने के अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

एनर्जी स्वराज यात्रा का उद्देश्य

प्रो. चेतन सोलंकी खरगोन जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने गत 20 वर्ष से सौर ऊर्जा पर नवाचार और शोध कार्य किया है। उन्हें आई.ई.ई.ई. संस्था ने 10 हजार डॉलर का एवार्ड दिया है। इसके साथ ही उन्हें प्राइम मिनिस्टर एवार्ड फॉर इनोवेशन दिया जा चुका है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उनके कार्य को इसलिये भी सम्मान प्राप्त है क्योंकि उन्होंने "ऊर्जा स्वराज" शब्द गढ़ा है। आज प्रारंभ ऊर्जा स्वराज यात्रा दिसम्बर 2030 तक चलेगी। इसका उद्देश्य जन-जन को सौर ऊर्जा के उपयोग और उसके महत्व से अवगत करवाना है। ऊर्जा स्वराज आन्दोलन जलवायु परिवर्तन की दिशा में लोगों को सचेत करते हुए सौर ऊर्जा को एक समाधान के रूप में अपनाने के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है।

प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मिन्टो हॉल परिसर में सोलर एनर्जी हाउस का अवलोकन किया और प्रो. चेतन सोलंकी से इसकी कार्य पद्धति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम के पश्चात एनर्जी स्वराज यात्रा का वाहन रवाना किया। उन्होंने प्रतीक स्वरूप इस वाहन में मिन्टो हॉल से राजभवन तिराहे तक प्रो. चेतन सोलंकी के साथ यात्रा भी की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रो. चेतन सोलंकी की टीम और परिजन को भी बधाई दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्कृत विश्वविद्यालय के डॉ. कालिका प्रसाद शुक्ल और उनके साथियों ने सूर्य मंत्र का समूह गान किया।


मुझे बेटे पर गर्व है- श्री विक्रम सिंह सोलंकी

प्रो. चेतन सोलंकी के किसान पिता श्री विक्रम सिंह सोलंकी ने बताया कि उन्हें बेटे पर गर्व है। चेतन आर्थिक परेशानियों के बीच चिमनी की रोशनी में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद बेलजियम गये। पीएच.डी. भी की और राष्ट्र के कल्याण का सोच रखते हुए वर्षों लम्बी यात्रा के लिये परिवार में अपना विचार रखा। हमारे परिवार ने चेतन को इसकी अनुमति प्रदान कर दी है। परिवार से इतने साल दूर रहकर चेतन यह यात्रा देशभर में करेंगे। श्री विक्रम सिंह ने कहा कि उनका मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण का स्वामी न बनकर उसका संरक्षक बनना चाहिये।  कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग, विधायक श्री प्रहलाद सिंह लोधी भी उपस्थित थे। स्वागत भाषण प्रमुख सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री संजय दुबे ने दिया।

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