धार। थाना गंधवानी के सनसनीखेज अपराध क्रमांक 345/20 धारा 302, 201, 34 भादवि में फरार आरोपी गोविन्द पिता कालूराम निवासी सनावदा की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने हेतु पुलिस अधीक्षक जिला धार आदित्य प्रताप सिंह ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धार देवेन्द्र पाटीदार के निर्देशन में समस्त सीएसपी/एसडीओपी, समस्त थाना प्रभारियों के साथ-साथ क्राईम ब्रांच धार प्रभारी संतोष कुमार पाण्डेय को लगाया गया था। 

इसी तारतम्य में कल दिनांक 26 नवम्बर को सायबर क्राईम धार प्रभारी संतोष कुमार पाण्डेय को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना गंधवानी के अपराध क्रमांक 345/20 धारा 302, 201, 34 भादवि में फरार इनामी आरोपी गोविंद पिता कालुराम बागरी निवासी सनावदा चोरी की हिरो स्पलेंडर प्रो मोटर सायकल से अपने किसी परिचित से मिलने रात्रि 08:00 बजे मांगोद आने वाला है।  सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को बताई जाकर हमराह सायबर क्राईम का स्टाफ लेकर मांगोद पहुचा, जहाँ तिराहे पर रूककर सूचित व्यक्ति का इंतजार करते कुछ ही देर में सूचित बदमाष बिना नम्बर प्लेट की स्पलेंडर से वहा आया, जो संभवतः पुलिस को पहचान कर तिराहे पर न रूकते हुए तेज वाहन चलाकर राजगढ़ की ओर भागा, जिसका पीछा किया जाकर एसडीओपी सरदारपुर महोदय श्री ऐश्वर्य शास्त्री एवं थाना इंचार्ज राजगढ़ श्री मगन सिंह वास्केल को भी सूचना से अवगत कराया गया एवं घेराबंदी हेतु बताया गया। 

थाना राजगढ़ टीम द्वारा फोरलेन चौकडी राजगढ़ के पास नाकाबंदी की। कुछ देर बाद बताये गए हुलिए का एक व्यक्ति बिना नम्बर प्लेट की हिरो होण्डा स्पेलेंडर मोटर सायकल से मांगोद तरफ से आता दिखा जिसने सामने से भी पुलिस को देखकर मोटर सायकल चालक ने गाडी रोड से उतार दी, परंतु गड्डा होने से संतुलन खो बैठा और रोड़ किनारे गिर गया, जिससे उसको दाहिने हाथ के पंजे में एवं दाहिने पैर के पंजे में चोटे आई। पीछे से आ रही सायबर क्राईम टीम ने व्यक्ति को पकड़ लिया एवं व्यक्ति से उसका नाम पता पूछते उसने अपना नाम गोविन्द पिता कालूराम बोडाना जाति बागरी उम्र 38 साल निवासी ग्राम सनावदा थाना कानवन जिला धार का होना बताया। 

टीम द्वारा उस व्यक्ति की जामा तलाशी लेते उसके पेंट की जेब से एक लोहे की पिस्टल मय जिंदा कारतूस मिला, जिसका लायसेंस मांगते नही होना बताया। तथा मोटर सायकल के कागज मांगते चोरी की मोटर सायकल होना बताया। टीम द्वारा आरोपी गोविंद के कब्जे से 01 पिस्टल मय जिंदा कारतूस व मोटर सायकल विधिवत जप्त की एवं गिरने से चोट लगने से उसे उपचार हेतु शासकीय अस्पताल भेजा गया। बाद उपचार आरोपी गोविंद को थाना राजगढ़ लाया गया तथा अवैध पिस्टल रखने के जुल्म में आरोपी गोविंद के विरूद्ध थाना राजगढ़ में अपराध क्रमांक 401/20 दिनांक 26.11.2020 धारा 25(1) 27 आम्र्स एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।

ज्ञात हो दिनांक 01.10.2020 को अवल्दामान पटेलपुरा में प्राथमिक स्कूल के पास केशरबाई पिता बकन भील उम्र 30 साल निवासी ग्राम नर्मदानगर चौकी निसरपुर थाना कुक्षी की लाश मिलने से थाना गंधवानी में अपराध क्रमांक 345/20 धारा 302, 201, 34 का अपराध पंजीबद्ध किया हुई। विवेचना के दौरान सायबर क्राईम धार टीम एवं थाना गंधवानी पुलिस टीम द्वारा दिनांक 04.10.2020 को सोहन पिता सुकलाल वास्केल निवासी उदियापुर थाना मनावर को पकडा था, जिसने अपने साथी गोविंद बागरी के साथ मिलकर केषरबाई की हत्या करना कबूल किया था। 

आरोपी गोविंद बागरी विगत दो माह से उक्त अपराध में फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी के थाना गंधवानी पुलिस द्वारा भरसक प्रयास किए, परंतु आरोपी गोविंद पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस अधीक्षक धार महोदय द्वारा आरोपी गोविंद की गिरफ्तारी पर 10,000/- रू. नगद इनाम की उद्घोषणा की गई थी।

आरोपी से थाना गंधवानी के अपराध के संबंध में पूछताछ करते उसने अपना जुल्म स्वीकार कर लिया एवं उसने पुलिस को बताया कि सोहन ने ही उसकी मित्रता गणपुर की रहने वाली तलाकशुदा औरत केशरबाई से कराई थी। केशरबाई आसपास के गांव में शादी करवाने का काम करती थी। 5-6 माह पूर्व मैनें, केशरबाई और सोहन हम तीनो ने मिलकर सोहन के रिश्तेदार दिनेश भीलाला निवासी मुजाल्दापुरा बोरडाबरा की शादी एक पूजा नाम की लडकी से 80,000/- रू. लेकर कराई थी, जो लडकी शादी के बाद सिर्फ 10-15 दिन दिनेश के घर रही, जिसके उपरांत केशरबाई के साथ मायके जाने के बहाने वापस आ गयी थी, जिसके बाद से दिनेष के घर नही गई थी। दिनेष व उसका परिवार 80,000/- रू. के लिए हम तीनो का परेशान कर रहा था तथा बार-बार पैसो के लिए जान से मारने की धमकी देता था। 

आरोपी गोविंद ने टीम को बताया कि केशरबाई ने पूर्व में कई रिश्ते करवाये थे, हर रिश्ते में उसको 20,000-30,000/- रू. मिल जाते थे। पैसो के लालच में आकर वह केशरबाई के करीब आ गया तथा प्यार का झांसा देने लगा। इस बीच उसने कई बार केशरबाई से अवैध संबंध बनाए थे। केशरबाई ने एक बार राजस्थान के किसी युवक से शादी करके उससे 1,00,000/- रू. ऐठे थे तथा वह राजस्थान में उस युवक के साथ पत्नी बनकर 8-10 दिन रही भी थी। केशरबाई का गैर मर्दो से बातचीत करना उनके साथ रहना मुझे बिल्कुल पसंद नही था। लेकिन केशरबाई इस प्रकार का काम-धंधा छोडना नही चाहती थी। इसीलिए मैं भी उससे पीछा छुडाना चाहता था। इस तरह मैं व सोहन हम दोनो अलग-अलग कारणों से केशरबाई से परेशान थे। दिनांक 29.09.2020 को हम दोनो मिलकर केशरबाई को किसी बहाने से ग्राम खेरवा जंगल में लेकर गए तथा हम दोनो ने मिलकर केशरबाई की पिस्टल से गोली मारकर और चाकू से हत्या कर दी तथा लाश को बोरे में भरकर मोटर सायकल पर रखकर अवल्दामान ले आए तथा वहाँ लाश का चेहरा छोडकर बाकि शव घासलेट डालकर जला दिया। दोनो आरोपियों ने लाश को अवल्दामान इसीलिए फेका था क्योकि अवल्दामान ग्राम बोरडाबरा के पास ही लगा हुआ गांव है तथा मृतिका केशरबाई की हत्या का शक बोरडाबरा वालों पर आए।

आरोपी गोविंद बागरी आदतन अपराधी है एवं थाना कानवन में भी आरोपी गोविंद के विरूद्ध 01 चोरी, 02 मारपीट एवं 01 सट्टा एक्ट के प्रकरण पंजीबद्ध है। आरोपी के कब्जे से जप्त पिस्टल एवं मोटर सायकल के संबंध में आरोपी से पूछताछ एसडीओपी सरदारपुर महोदय ऐश्वर्य शास्त्री के मार्गदर्शन में सायबर क्राईम प्रभारी संतोष कुमार पाण्डेय, सउनि धीरज सिंह राठौर, प्रधान आरक्षक रामसिंह गौर, आरक्षक गुलसिंह, राजेश, बलराम, राहुल, संग्राम, प्रशांत, आदर्श एवं थाना राजगढ़ से उनि मगनसिंह वास्केल, प्रधान आरक्षक अशरफ , प्रधान आरक्षक सैय्यद, आरक्षक जितेन्द्र, कलसिंह कर रहे है, जिससे और भी कई चोरी की मोटर सायकले मिलने की पूर्ण संभावना है।

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