भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भगवान बिरसा मुण्डा ने जनजातीय संस्कृति की रक्षा और अंग्रेजों से देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ शोषण, धर्मान्तरण को रोकने और हमारी संस्कृति को बचाने के लिए निरन्तर संघर्ष किया। उन्होंने जनजातियों की पूजा-पाठ की पद्धतियों, जीवन मूल्यों और संस्कृति की रक्षा और आजादी के लिए निरंतर कार्य किया। नशाखोरी जैसी समाजिक बुराईयों को समाप्त करने के लिए निरन्तर प्रयास किए। वे गद्दारों के कारण अंग्रेजों द्वारा पकड़े गए तथा उनके ऊपर घनघोर अत्याचार किए गए। 25 वर्ष की अल्प आयु में ही इस धरती को छोड़कर चले गए। उनके जन्मदिवस पर हर वर्ष मध्यप्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस मनाया जायेगा। उनके आदर्शों पर चलते हुए देश की सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज उमरिया जिले की ग्राम पंचायत डगडौआ में आयोजित जन-जातीय गौरव सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा बेटियों का पूजन कर किया। समारोह में प्रदेश के वन मंत्री कुंवर विजहशाह, प्रदेश की आदिम जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह, प्रदेश की नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह, सांसद शहडोल श्रीमती हिमांद्री सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी में वीरांगना दुर्गावती, भीमा नायक, रघुनाथ शाह, शंकर शाह, टट्या भील जैसे महानायकों ने योगदान दिया। हम इन महानायकों के योगदान को कभी भुला नही सकेंगे। अंग्रेजो के विरूद्ध स्वाधीनता संग्राम में लोहा लेने वाले महाकौशल क्षेत्र के महानायकों शंकर शाह और रघुनाथ शाह की स्मृति में जबलपुर में लगभग 5 करोड़ रूपये की लागत से भव्य स्मारक बनाया जायेगा। भारत की मुख्य धारा देश की जनजातियां हैं। जनजाति परम्पराओं एवं संस्कृति को अक्षुण्य रखने के प्रयास किए जायेंगे। कुछ लोग भ्रम फैलाकर देश में हमारी सांस्कृतिक, सामाजिक समरसता को तोड़ने का प्रयास कर रहे है। लोभ, लालच, भय और प्रलोभन देकर धर्मान्तरण करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। मध्यप्रदेश की धरती पर लव-जेहाद नहीं होने देंगे

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