भोपाल। राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने कहा है कि गुजराती समाज ऐसा समाज है, जो जहाँ भी जाता है, अपनी संस्कृति को साथ ले जाता है। अपने सभी पर्व और समारोह बड़े छोटे मिलकर पूरे उत्साह और उमंग के साथ वहाँ पर मनाते है। उन्होंने सभी को आने वाले दीपावली पर्व और नव वर्ष की अग्रिम शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सभी परिवारों में सुख और समृद्धि आये। आव्हान किया कि नये वर्ष में कोविड-19 को लड़ाई में परास्त करने और एक बने, नेक बने का संकल्प लें। श्रीमती पटेल गुजराती समाज के नवीन कार्यालय के शुभारंभ कार्यक्रम के उपरान्त उपस्थित जन को संबोधित कर रही थी। इससे पूर्व राज्यपाल समाज द्वारा आयोजित दुर्गा अष्टमी पूजन की आरती में भी शामिल हुई।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के प्रारंभिक दौर में सभी परिवार घरों में रहें, इसका लाभ यह हुआ कि परिवार के सदस्यों में बड़े बुजुर्गों के प्रति सम्मान और स्नेह के संबंध मजबूत हुए है। परिवार में एक दूसरे की मदद और प्रेमभाव बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा कि हम सब को चिकित्सकों, नर्सों और सभी कोरोना वारियरर्स के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। उनका सम्मान करना चाहिए, जिन्होंने अपने जीवन की चिंता किये बिना निरंतर कार्य किया है। श्रीमती पटेल ने कहा कि मेधावी बच्चों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना चाहिए। उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति की प्रतिभागी छत्तीसगढ़ की बेटी पद्मश्री फुलबासन का उदाहरण देते हुए कहा कि एक अनपढ़ महिला जो पशु चराने का कार्य करती थी। उसने करीब दो लाख महिलाओं को जोड़ कर, महिलाओं का सशक्तिकरण किया है। उन्होंने कहा कि हम सब को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। जब एक अनपढ़ महिला इतना बड़ा काम कर सकती है, तो हम सब को भी अपने-अपने स्तर पर भी कोशिश करनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में बड़ा बदलाव ला सकते है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि राजभवन में आयोजित गरबे में गुजराती समाज और राजभवन परिसर के रहवासी परिवारों ने उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में गुजराती समाज के अध्यक्ष श्री संजय पटेल ने राज्यपाल का स्वागत किया और समाज को राजभवन के गरबे में आमंत्रित करने के लिए आभार ज्ञापित किया।

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