राहुल राठौड़, राजोद। खाताधारक की मौत के बाद बीमा राशि के लिये चक्कर काटाने को पत्नी मजबूर है। जरुरी दास्तावेज देने के बाद भी योजना का लाभ नही मिला है। मामला बैक ऑफ़ माहाराष्ट्र राजोद का है। जहां  महिला के पति की मृत्यु के 6 माह बीतने के बाद भी बैक से प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना का लाभ तो दूर ऊल्टे  बैंक ने उसके स्वर्गीय पति के बैंक खाते से बीमा राशि का आहरण कर लिया। जब महिला बैंक के चक्कर काट काट कर परेशान हो गई तो उसने मामले की शिकायत धार पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को की है। केंद्र सरकार द्वारा आम आदमी को बीमा सुरक्षा का लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना और दुर्घटना बीमा योजना के नाम से दो बीमा योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत प्रत्येक बैंक खाताधारक को सुविधा देने के लिए उसके बैंक खाते को ही योजना से सीधा जोड़ दिया गया है और प्रतिवर्ष उसके खाते से क्रमश 330 और 12 रूपये काट लिए जाते हैं ताकि भविष्य में कोई अनहोनी होने पर उसके परिजनों को बीमा योजना का लाभ मिल सके। किंतु बैंक कर्मियों की लापरवाही के चलते योजना का लाभ आम आदमी को नहीं मिल रहा है और उसे ऊपर से बैंक स्टाफ की खरी-खोटी तक सुननी पड़ रही है।

दस्तावेज में कमी बताकर नहीं दी जा रही राशि - ग्राम साजोद की निवासी मोहनबाई पति शंकरलाल मेहता के पति की मौत 3 मार्च 2020 में हो गई थी। पति शंकर लाल का राजोद की बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में खाता क्रमांक 2020070302 संचालित किया जा रहा था। इस खाते से शंकर लाल द्वारा उक्त दोनों बीमा योजना के नाम पर हर वर्ष राशि बैंक द्वारा सीधे काट ली जाती थी। क्योंकि मोहनबाई के पति का बीमा था और पति की मौत के बाद उसे बीमे की राशि मिल जाना थी महिला ने पति की मौत के बाद बैंक शाखा से संपर्क किया तो बैंक द्वारा पति की मौत का मृत्यु प्रमाण पत्र सहित कुछ अन्य दस्तावेज मांगे। जो महिला द्वारा जमा करवा दिए गए। लॉकडाउन होने के कारण बैंक जा नहीं पाए और जब अनलॉक हुआ तो बैंक शाखा जाकर बीमा राशि के संबंध में पूछताछ की तो उसने कहा कि कुछ दिन बाद आना। महिला बाद में पुनः गई तो उसे बार-बार चक्कर देने लगे और अंत में बताया कि आपके द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों में कमी है। अतः आपको बीमा राशि नहीं दी जा सकती। कहने को तो ग्रामीण क्षेत्र में बैंक शाखा से ग्रामीणों को लाभ देने के लिए शाखा संचालित की जाती हैं किंतु राजोद में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में कई बड़े गोलमाल है यहां पर फसल बीमा और प्रधानमंत्री बीमा योजना के नाम पर ग्रामीणों खाते से राशि तो काट ली जाती हैं किंतु ग्रामीण चक्कर काट काट कर परेशान हो जाते हैं उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं पाता यदि शासन-प्रशासन राजोद शाखा की जांच करवाएं तो बीमा योजना के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

सबसे रोचक बात - मामले में सबसे रोचक बात यह कि बैंक खाताधारक शंकरलाल का मृत्यु प्रमाण पत्र मौत के कुछ दिन बाद ही मिल जाने के बावजूद बैंक में खाता तो बंद नहीं किया अपितु 22 जून 2020 और 26 जून 2020 के लिए राशि काट ली। 

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