सरदारपुर। केन्द्र सरकार द्वारा 14 सितंबर 2020 को प्याज की सभी किस्मो के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है जिसके विरोध मे किसान कांग्रेस कमेटी सरदारपुर द्वारा शुक्रवार को देश के राष्ट्रपति के नाम पर सरदारपुर मे एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन मे बताया गया है कि प्याज निर्यात पर रोक लगने एवं देश मे पर्याप्त प्याज उपलब्ध होने के बावजूद अफगानिस्तान से प्याज आर्यात करने से प्याज की कीमतो मे प्रति क्विंटल 01 हजार रूपये की कमी आई है जिससे किसान वर्ग को आर्थिक नुकसान उठाना होगा। अभी विगत दिवस केन्द्र सरकार द्वारा 03 अध्यादेश किसानो के विरोध मे लाए गए है जिसमे से एसेंशियल एक्ट 1955  कृषि उपज को जमा करने की अधिकतम सीमा तय करने और कालाबाजरी को रोकने के लिए बनाया गया था। लेकिन नए अध्यादेश मे स्टाॅक लिमिट को हटा लिया गया है इससे जमाखोरी और कालाबाजारी बढेगी। एक अन्य अध्यादेश फाॅर्मर्स अग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विस ऑनर्डिनेंस के जरिये काॅट्रैक्ट फाॅर्मिंग को आगे बढाया जाएगा जिसमे कंपनियां खेती करेगी और किसान मजदूर बनकर रह जाएगा। उसकी सुरक्षा की कोई गारंटी नही होगी साथ ही अभी जो गाइडलाईन जारी की गई है उसमे कही भी फसलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य का कोई जिक्र नही है। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानो की आय को दोगुना करने की बात कही जाती है तो वही दुसरी और किसानो के प्याज के निर्यात पर रोक लगाकर आर्यात चालु कर दिया जाता है तो साथ ही किसान विरोधी अध्यादेश लाकर किसान वर्ग के साथ केन्द्र सरकार द्वारा अन्याय किया जा रहा है। जिसका किसान कांग्रेस म.प्र. पूरजोर विरोध करती है। ज्ञापन मे मांग की गई है कि प्याज के निर्यात पर लगाई गई रोक को शीघ्र ही हटाकर प्याज निर्यात पुनः प्रारंभ किया जाए एवं किसान के विरोध मे लाए गए अध्यादेश को भी किसान हित मे निरस्त किया जाए एवं सम्पूर्ण सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र मे युरिया किसानो को पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध करवाने की मांग की गई है। अन्यथा किसान कांग्रेस द्वारा चरणबध्द आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन का वाचन ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने किया। इस दौरान किसान कांग्रेस प्रदेश महासचिव भेरूसिंह बडगोता, अमझेरा ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मुकाती, दसई ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष शंकरलाल मारू, शंकरदास बैरागी, नरसिंह हामड, दिनेश चैधरी, कैलाश भूरिया, अखिलेश चन्देरिया, जगदीश पाटीदार, राधेश्याम जाट, सोहन पटेल, धर्मेन्द्र पटेल, अंसार खान, भगवतसिंह पटेल, किशोर पंडित, अर्जुन दांगी, धनराज कीर, कोदरसिंह पटेल, तोलाराम गामड, दुलीचंद पाटीदार, रमेश जैन, रडु भूरिया, रमेश मोलवा, चतुर्भज मुकाती, राज परमार, रोहित राठौड, विशाल जैन, लोकेन्द्र दरबार, जीवन धाकड, बालुसिंह बारिया, दीपक पटेल, विश्वजीत पटेल आदि किसानगण उपस्थित थे। 

Post a comment

 
Top