भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कम्पनी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक आज मंत्रालय में सम्पन्न हुई। कम्पनी के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन में ऋण को और अधिक सहज बनाने के लिये नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कम्पनी लिमिटेड की अधिकृत अंशपूंजी राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 5 हजार करोड़ की गई है। बैठक में 14 महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर अनुमोदन प्राप्त किया गया।कम्पनी द्वारा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं जैसे अपर नर्मदा परियोजनाओं, नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना एवं बदनावर माइक्रो सिंचाई परियोजना तथा कुछ अन्य चालू परियोजना के क्रियान्वयन के लिये नाबार्ड से 7 हजार 500 करोड़ रूपये ऋण संबंधी प्रस्ताव पर अनुमोदन लिया गया। इसी के साथ नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कम्पनी एवं नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए बैंक से 10 हजार करोड़ रूपये ऋण प्राप्त करने संबंधी प्रस्ताव अनुमोदित किये गये। स्टेट गारंटी फीस के संबंध में शासन के आदेशानुसार कम्पनी को प्रतिवर्ष 0.5 प्रतिशत ऋण राशि के विरूद्ध स्टेट गारंटी फीस चुकाना होगी, जिससे 11 विभिन्न परियोजनाओं की ऋण राशि 24 हजार करोड़ के विरूद्ध लगभग 1500 करोड़ सम्पूर्ण ऋण के भुगतान पर देना होगी। ऋण राशि के विरूद्ध 0.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष गारंटी फीस को वन टाइम किया जाएगा। कम्पनी के सहज संचालन के लिये संचालक मण्डल की उपसमिति, वित्तीय समिति के नाम से गठित की जाएगी, जो कम्पनी के वित्तीय मामलों में आवश्यक परामर्श देगी। इसी के साथ एक अन्य उपसमिति परियोजना निगरानी समिति के नाम से गठित की जाएगी। यह समिति कम्पनी के तकनीकी मामलों में आवश्यक सलाह एवं परामर्श देगी। दोनों समितियों के गठन से कम्पनी का कार्य और अधिक सहज एवं सुचारू हो सकेगा। बैठक में राज्य मंत्री नर्मदा घाटी विकास विभाग श्री भारत सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी श्री आईसीपी केसरी एवं प्रमुख सचिव वित्त श्री मनोज गोविल ने भाग लिया।

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