राजोद। सरकार की गाईडलाईन का पालन करते हुए कोविड 19 को देखते हुए जल झुलनी ग्यारस पर नगर के मंदिरो पर भीड नही देखी गई। मंदिर के महंत पुजारियो द्वारा शासन के निर्देशो का हवाला देते हुए कुछ मंदिरो के झुले नही निकाले गए। मंदिर पर ही झांकी को सजाकर पुजा अर्चना की। कोटेश्वरी नदी किनारे के मंदिरो की पालकी निकाली व समीप बहने वाली कोटेश्वरी नदी पर ठाकुर जी को स्नान करवा कर शंखनांद के साथ पुजा आरती की गई।  नगर के आथमनावास श्रीकृष्ण मंदिर , श्रीराम बोलाधाम मंदिर, श्रीराम मंदिर उगमनावास, रन्छोणराय मंदिर, चारभुजा नाथ मंदिर के झुलो को भजन कीर्तन करते हुए कोटेश्वरी नदी पर अलग-अलग समय मे स्नान करवाया गया। गोपालपुरा मंदिर के झुले को श्रंगारित किया। नरसिह जी मंदिर व श्री बालाजी हनुमान मंदिर के झुलो का मंदिर पर ही सजाया गया था।
रानीखेडी स्थित विश्वेश्वरी माताजी मंदिर का यह पहला मोका था कि भगवान की झुले को समीप के ग्राम पंचायत भवन पर लाया गया जहा ठाकुर जी को स्नान कर पुजा आरती की। प्रांरभ मे सरपंच अनिता सुनिल वसुनिया ने पुजा अर्चना की इस अवसर पर राजोद थाना टीआई बीएस वसुनिया, सचिव भारतसिह सोलंकी, पटवारी संजय डामोर पुरे समय अर्लट रहे।

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