सरदारपुर। इस वर्ष भले ही वर्तमान समय मे खरीफ की फसल बेहतर है लेकिन रबी की फसल के लिये किसानो को अभी से चिंता सताने लग चुकी है। इंद्र देव की बेरूखी परेशान कर रही है तेज बारिश के अभाव मे नदी नालो के साथ तालाब भी सुखे पडे हुये है। सरदारपुर तहसील मे जल संसाधन विभाग के 65 तालाब है जिनके द्वारा करीब 16 हजार हैक्टर मे किसान रबी की फसलो की सिंचाई करते है। वर्तमान समय मे 64 तालाबो मे पानी नहर के गेट लेवल के निचे है। मात्र एक तालाब चुनार ही 60 प्रतिशत भरा हुआ है। जिससे तेहसील क्षेत्र के सबसे बडे भुभाग 1620 हेक्टेयर मे लिफ्ट एरिगेशन से सिंचाई होती है।
जल संसाधन विभाग के एसडीओ अशोक गर्ग ने बताया की इस वर्ष बारिश की कमी के चलते सिंचाई  विभाग के सभी तालाब खाली है। इन तालाबो से 16 हजार हेक्टेयर भुभाग मे सिंचाई होती है। पिछले वर्ष  8 अगस्त तक सभी तालाब भर गये थे। लेकिन इस वर्ष तालाब भरना तो दुर गेट लेवल तक भी पानी नही आ पाया है। श्री गर्ग ने बताया की एक मात्र चुनार डेम ही ऐसा है जिसमे 60 प्रतिशत पानी भरा हुआ है। चुनार डेम के निर्माण होने के बाद पिछले वर्ष इससे 1620 हेक्टेयर भुभाग मे सिंचाई की गई थी। इस बार भी इतना ही लक्ष्य तय किया गया है।
एसडीओ गर्ग ने बताया की तहसील क्षैत्र मे लिफ्ट एरीगेशन से सिंचित होने वाले चार प्रमुख तालाबो मे चुनार डेम से 1620 हेक्टेयर मानगढ से 425 हेक्टेयर, अंबेडी से 300 हेक्टेयर व मैस्को डेम से 500 हेक्टेयर क्षैत्र मे सिंचाई होती है। वही गोविंदपुरा से 750 हेक्टेयर, बरमंडल जलाशय से 500, महावीर जलाशय से 500 हेक्टेयर भुभाग मे सिंचाई सुविधा मुहैया करवाई जाती है। एसडीओ अशोक गर्ग ने बताया की इस वर्ष भी 16 हजार हेक्टेयर क्षैत्र मे सिंचाई का लक्ष्य है। बाकी बारिश के उपर निर्भर है। वर्षा सत्र की समाप्ती के बाद ही सही आंकडे बताये जा सकेगे की कितने तालाब पुर्ण रूपेण भरा पाये है और कितने खाली है। उसके बाद ही फिर से सिंचाई लक्ष्य तय किया जायेगा।

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