सरदारपुर। माही मुख्य बांध के बैक वाटर क्षैत्र मे विकसीत हो रहे पर्यटन स्थल पर डेढ माह बाद कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने दौरा कर निर्माण कार्य का जायजा लिया। कलेक्टर श्री सिंह जब प्रथम बार यहा पर आये और उस दौरान दिये गये दिशा निर्देश के अनुसार कार्य होने पर प्रसन्नता जाहीर कर सभी को बधाई दी।
पहली बार मे ही इसे धार जिले के हनुवंतिया की संज्ञा देकर उसी की तर्ज पर इसे विकसीत करने के निर्देश कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने दिये थे। टापु पर घास के साथ पाथवे पर साईकस, पाम, नारियल, अशोक जैसे पौधे रोपे गये जिनकी लंबाई 6 फिट से अधिक है। इन पौधो को देखकर कलेक्टर श्री सिंह ने कहा की यह कार्य बेहद उम्दा है ये तो हमसे भी ज्यादा लंबे है। वही टापु के किनारे घाट निर्माण का जायजा लिया। कुछ देर कलेक्टर घाट पर पानी मे पैर रखकर इस स्थल की सुदंरता को निहारते रहे। यहा के प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभुत कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ संतोष वर्मा एवं प्रोजेक्ट प्रभारी राजेश परमार से कहा की इसे हम जल्द से जल्द पर्यटको को लिये खोल दे तेजी से कार्य करे। यह स्थान जिले के सबसे सुदंर पर्यटन स्थल मे शुमार हो ऐसे सारे प्रयास किये जाये।
समुद्र की तर्ज पर होगा बीच का निर्माण - टापु की सुंदरता बढाने के लिये टापु पर आर्टिफिशीयल बीच का निर्माण होगा। जिसमे रेत भरकर उसे विकसीत किया जायेगा। ताकी आने वाले पर्यटको को समुद्र किनारे बीच पर जाकर जो आनंद मिलता है उसे वही आनंद यहा पर मिल सके। कलेक्टर आलोक कुमारसिंह ने आर्टिफिशील बीच के निर्माण के लिये विशेष निर्देश दिये है।
तीन माह बाद खोले देगे पर्यटको के लिये - प्रोजेक्ट प्रभारी व आरईएस एसडीओ राजेश परमार ने बताया की बैक वाटर क्षैत्र मे वैसे तो पुरे वर्ष भर मनरेगा योजना से कार्य करवाये जायेगे। लेकिन तीन माह मे हम इसे पर्यटको के लिये खोल देगे। टापु के किनारे कलेक्टर सर के निर्देशानुसार घाट निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
श्री परमार ने बताया की अंतिम व्यु पाईट पर एनआरएलएम का तीन मंजीला ट्रेनिंग सेंटर भी बनेगा। जिसकी बिल्डीग का कार्य आज से आरंभ किया जा रहा है। प्रथम तल पर ट्रेनिग हाल रहेगा। द्वितीय तल पर रहने के लिये आवास होगा वही तीसरी मंजिल पर से पर्यटक इस टापु व डेम की सुदंरता को निहार सकेगे।
निरीक्षण के बाद कलेक्टर माही मुख्य बांध पर भी गये जहा पर उन्होने विभाग के उपयंत्री एस कुरैशी से बांध के संबध मे जानकारी ली।  कलेक्टर के साथ जिला पंचायत सीईओ संतोष वर्मा, जिला परियोजना अधिकारी गणेश सेन, आरईएस के कार्यपालन यंत्री एस सोंलकी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेन्द्र शर्मा, आरईएस एसडीओ राजेश परमार आदि साथ मे थे। 

Post a comment

 
Top