सरदारपुर। जय आदिवासी युवा शक्ति जयस सरदारपुर ने गुजरात के बेलोसा बबीता कच्छप एवं दो अन्य बिरसा औरैया, सामू औरैया की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए गुजरात सरकार से अविलंब रिहा करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौपा। सरदारपुर जयस अध्यक्ष राजेन्द्रसिह गामड ने कहा तीन आदिवासियों की गिरफ्तारी गुजरात एटीएस के दमनात्मक कार्रवाई का हिस्सा है ऐसा प्रतीत होता है कि संवैधानिक जागरूकता को दबाने के उद्देश्य से यह गिरफ्तारी की गई है। जयस ऐसी गिरफ्तारी का विरोध करता है संविधान के प्रति जागरूक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी देश में न्यायतंत्र के साथ खिलवाड़ जैसा है। सरदारपुर  जयस ने एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम एवं गुजरात राज्यपाल तथा पुलिस महानिदेशक गुजरात के नाम ज्ञापन सौंपा और यह मांग की है कि जल्द से जल्द तीनों को रिहा किया जाए अन्यथा पूरे भारत देश में क्रमबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा जिसके जिम्मेदार शासन प्रशासन होंगे। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि संविधान का अनुच्छेद 46 उपबंधित करता है कि सरकार विभिन्न उपायों के माध्यम से संविधान जन जागरण के लिए प्रावधान करेगी। लेकिन संविधान जागरूकता में विफल रही सरकार के दायित्व को जन-जन तक पहुंचाने में जयस हमेशा तत्पर रहा है हमारा मानना है कि संविधान के प्रति जागरूक होने पर व्यक्ति के हाथ में हथियार के जगह कलम और संविधान की पुस्तक होगी।
ज्ञापन के दौरान सरदारपुर जयस अध्यक्ष राजेन्द्रसिह गामड, सरदारपुर मिडिया प्रभारी जयस आशिष चोहान, आईटीसैल प्रभारी राहुल वसुनिया, जयस सहसचिव राहुल मुनिया, पटलावदिया जयस अध्यक्ष दिनेश सिंगार, संतोष चोहान, नौसाद भाई, सुनिल डावर, दिलिप भुरिया, राहुल मावी, किशोर भाभर, अजय सिंगार, सरदारपुर जयस संगठन के पधाधिकारीगण एव कार्यकार्ता उपस्थित थे।

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