सरदारपुर। धार जिले के माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधिश महोदय श्री बीके द्विवेदी के निर्देशन में तहसील स्थापना सरदारपुर को आईएसओ प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु मानको की तैयारी पुरी करवायी गयी। जिसके बाद दिल्ली की आईएसओ टीम द्वारा सरदारपुर सिविल न्यायालय को आईएसओ प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया।
सरदारपुर न्यायालय मध्यप्रदेश का एक ऐसा तीसरा न्यायालय है जिसे आईएसओ 9001ः2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली एवं बेहतर सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर संस्था समन्वयक योगेन्द्र द्विवेदी द्वारा बताया गया कि आईएसओ एक अंतरराष्ट्रीय मानवीयकरण संगठन होता है। विभिन्न राष्ट्रो के मानक संगठनो के प्रतिनिधियों से गठित एक अंतरराष्ट्रीय मानक विन्यास संस्था है। इसकी स्थापना 23 फरवरी 1947 को हुई थी। इसका मुख्यालय जिनेवा स्विट्जरलैण्ड में स्थित है। इसी कड़ी में उक्त प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु विगत 6 माह से आईएसओ के मानको अनुरूप प्रयास किये जा रहे थे। उक्त मानको के अनुरूप कार्य करवाये जाने हेतु स्थापना पर पदस्थ समस्त न्यायाधीशगण एवं कर्मचारीगण द्वारा कड़ाई से पालन करते हुए सभी मानको के अनुरूप पालन करते हुए कार्यालयीन व्यवस्था, रिकार्ड विनिष्टीकरण का कार्य, माननीय उच्च न्यायालय के नियम एवं शर्तो के अुनसार रिकार्ड व्यवस्थित कर सूचीबद्ध किया गया। प्रत्येक कार्यालय के कर्मचारियों को द्वारा अपने रिकार्ड को व्यवस्थित किया जाकर जिन संपत्तियों का निराकरण हो चुका था उनको संबंधित संपत्ति का विनिष्टीकरण किया जाकर रजिस्टर में इंद्राज किया गया। प्रत्येक न्यायालयील कर्मचारी द्वारा कार्य निर्धारण अनुसार अपनी-अपनी टेबलों के पास व्यवस्थित तरीके से कार्य प्रबंधन हेतु लेखा-जोखा तैयार कर कार्य दायित्वों का विवरण एवं पदिय कार्य का स्पष्ट उल्लेख करते हुए अपने कर्तव्यों का पालन किया गया। जिससे पक्षकारों को अपने कार्य हेतु न्यायालय में बगैर किसी से पुछताछ किये संबंधित न्यायालय में पहुंचकर अपना कार्य सुचारू रूप से कराने में सहुलियत मिल सकें। न्यायालय में पक्षकारों एवं आमजनों की बेहतर सुविधओं के लिए बैठक व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, व्हील चेयर, शिशुओं हेतु मातृत्व कक्ष का निर्माण किया गया। जिसमें महिलाओं द्वारा अपने छोटे-छोटे बच्चों को दुग्धापान कराया जा सकें। प्रत्येक न्यायाल के बाहर पक्षकारों की बैठक व्यवस्था के सामने ही सुचना पटल स्थापित किये गये है। जिससे पक्षकारों को अपनी दैनिक पेशियों की जानकारी प्राप्त हो सकें। न्यायालय परिसर में आवागमन द्वार पर एक पुछताछ केन्द्र स्थापित किया गया है जहां प्रत्येक पक्षकार को संबंधित न्यायालय में जाने हेतु जानकारी दी जाती है। न्यायालय परिसर में प्राथमिक उपचार पेटी की भी उपलब्धता सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सरदारपुर द्वारा की गई है। न्यायालय परिसर में पक्षकारों के लिए महिला एवं पुरूषो के लिए पृथक-पृथक शौचालय की व्यवस्था की गई। प्रत्येक कर्मचारी बैठक व्यवस्था का निर्धारण किया जाकर, प्रत्येक कर्मचारी की पहचान हेतु पहचान पत्र उपलब्ध कराये गये है। न्यायालय परिसर को सुंदर बनाने एवं वातावरण शुद्ध रहें इस हेतु न्यायालय में प्रवेश द्वार पर गार्डनिंग एवं बाउण्ड्रीवाल के बाहर स्थित जगह पर तार फेंसिंग करवाया जाकर पौधारोपण कार्य किया गया। जिससे न्यायालय परिसर की सुंदरता काफी आलौकिक हो गयी है।
उक्त सभी कार्य में जिला न्यायाधीश श्री बीके द्विवेदी के निर्देशन में स्थापना पर पदस्थ न्यायाधीशगण श्री एमए खान, श्री अरविंद जैन, श्री प्रकाश केरकट्टा, श्री प्रसन्नसिंह बहरावत, श्रीमती सरिता डाबर, श्री अभिजीत वास्कले, श्रीमती प्रियंका रतौनिया एवं न्यायालय में पदस्थ सभी तृतीय एवं चतुर्थ श्रैणी कर्मचारीगण का विशेष योगदान रहा है। संस्था समन्वयक श्री योगन्द्र द्विवेदी के द्वारा आईएसओ प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया।

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