नरेन्द्र पंवार,दसाई। चातुर्मास का अपना अलग ही महत्व होता हैं यह समय धर्म करने का होता है। इसका उपयोग मन लगाकर करना चाहिये। वही जीवन में हर पल का उपयोग व्यक्ति को करना चाहिये ताकि हमारा समय का उपयोग हो सके क्योकि मनुष्य जन्म को पाने के लिये भगवान भी तरसते है फिर हमें तो यह जन्म मिला हैं साथ ही जीवन में गुरु के बिना जीवन अधूरा हैं जीवन की मंजिल को गुरु ही आगे बढाता हैं उक्त विचार गुरुवार को राजेन्द्रसूरि ज्ञान मन्दिर में चातुर्मास के मंगल प्रवेश के दौरान साध्वी मननकीर्ति श्रीजी म.सा ने कहें। प्रातःनीम चौक से भव्य मंगल प्रवेश हुआ। प्रवचन के सुमिरण से कही प्रकार के लाभ होते है। चार माह तक प्रवचन का लाभ लेकर अपने जीवन को धन्य बनाने का यह सुनहरा अवसर हैं। इसलिये इसका उपयोग अवश्य करे। कार्यक्रम के प्रारम्भ के प्रारम्भ में गुरुवंदन श्रीमति अर्चना मण्डलेचा ने सामूहिक करवाया। स्वागत भाषण श्रीसंघ अध्यक्ष संजय पिपाडा ने दिया। वही स्वागत गीत युक्ता मण्डलेचा ने प्रस्तुत किया। चातुर्मास में होने वाली सम्पूर्ण जानकारी दिलीप मण्डलेचा ने दी वही आभार प्रवीण मण्डलेचा ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राकेश नाहर ने किया। भगवान आदिनाथ की मनमोहक अगंरचना  बाबूलाल मण्डलेचा परिवार की ओर से की गई। इस अवसर पर मण्डलेचा परिवार द्वारा प्रभावना का वितरण किया गया। सम्पूर्ण चातुर्मास के लाभ मण्डलेचा परिवार द्वारा लिया गया।

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