भोपाल। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोरोना के संबंध में आज देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ ली गई वीडियो कान्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि, संकल्पशक्ति तथा उनके कुशल नेतृत्व में टीम इंडिया कोरोना के विरूद्ध जंग में शीघ्र जीत हासिल करेगी। प्रधानमंत्री ने संघीय ढांचे के सम्मान और गरिमा के अनुरूप निरंतर राज्यों के साथ संवाद एवं समन्वय करके देश में कोरोना के विरूद्ध इतनी सशक्त रणनीति लागू की है, जिससे हमने कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण पाया है। गृह विभाग की एडवायजरी राज्यों के लिए अत्यंत स्पष्ट और उपयोगी होती है। वीसी में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान आदि उपस्थित थे।

केन्द्र का निरंतर सहयोग -
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना संकट में राज्यों को केन्द्र का निरंतर सहयोग मिल रहा है। केन्द्र द्वारा भेजी गयी टीम अधिक संक्रमित क्षेत्रों में आयी तथा उन्होंने महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया है। मजदूरों के लिये चलायी गयी ट्रेन मजदूरों को वापस लाने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुई हैं। मनरेगा में केन्द्र द्वारा भिजवायी गयी 661 करोड़ की राशि तथा एन.डी.आर.एफ. की 910 करोड़ रूपये की राशि इस संकट के समय काफी सहायक सिद्ध हुई। प्रदेश में 16 लाख मजदूरों को मनरेगा में कार्य दिया गया है। प्रदेश में विभिन्न प्रकार की आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ की गयी हैं। एम.एस.एम.ई. उद्योगों के लिए राज्यों को पैकेज दिया जाए।

श्रम कानूनों में सुधार, मण्डी एक्ट में परिवर्तन -
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक निवेश प्रोत्साहन के लिए श्रम कानून में क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं। किसानों को उनकी उपज का अधिक से अधिक दाम दिलाने के लिए मण्डी एक्ट में परिवर्तन किए गए हैं, जिनके अंतर्गत अब किसान अपने घर से सौदा-पत्रक के माध्यम से, मण्डी में तथा ई-टेडरिंग के माध्यम से भी अपनी फसल बेच सकते हैं।

चौथे लॉकडाउन का स्वरूप मिला-जुला हो -
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीसी में सुझाव दिया कि प्रदेश में कोरोना के संक्रमण को प्रभावी ढंग से रोकने तथा अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़े करने के उद्देश्य से चौथे लॉकडाउन का स्वरूप मिला-जुला हो। संक्रमित क्षेत्र में पूरी सख्ती बरती जाये, वहीं अन्य क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को सुचारू करने के उद्देश्य से छूट दी जायें। रात्रिकालीन कर्फ्यू शाम 7 बजे से सबेरे 7 बजे तक यथावत रहे। धीरे-धीरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट नियंत्रित रूप से प्रारंभ किए जाएं। सभी प्रकार के उत्सव प्रतिबंधित हों।

15 मई से पहले अपनी रणनीति भिजवायें राज्य -
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी 15 मई से पहले राज्य चौथे लॉकडाउन के संबंध में अपनी रणनीति बनाकर भिजवायें। इसमें अपने राज्य में किस प्रकार की रचना करना चाहते हैं उसके मैप और लॉजिक सहित भारत सरकार को भिजवायें। लॉकडाउन का अगला चरण 18 मई से लागू होगा। यह चरण दूसरे स्वरूप में होगा।

नई जीवन शैली अपनानी होगी -
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्री-कोरोना दुनिया से पोस्ट-कोरोना दुनिया बदल चुकी होगी। हमें उसके अनुरूप एक नई जीवनशैली अपनानी होगी तथा उसके अनुरूप कार्य करना होगा। हम अब इंतजार नहीं कर सकते। राज्यों को इस दिशा में नेतृत्व करना होगा।

ग्रीन जोन में जीवन को सहज बनाना होगा -
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि रैड जोन क्षेत्रों में पूरी सावधानी रखी जाने के साथ ही हमें ग्रीन जोन क्षेत्रों में जीवन को सहज बनाना होगा। आगामी समय में बारिश आने वाली है, जब अन्य बीमारियां बढ़ती हैं। हमें कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियों के इलाज के लिए स्वास्थ्य संस्थाओं को सक्रिय करना होगा। शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग करना होगा।

पोस्ट-कोरोना टूरिज्म -
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि हमें पोस्ट कोरोना टूरिज्म कैसा हो, इस पर गंभीरता से विचार करना होगा। भारत में इसके लिए पर्याप्त अवसर हैं। हमें अपनी आर्थिक गतिविधियों को पहले से भी तेज करना होगा। परिवर्तनों के साथ हमें भारत में नये अवसर पैदा करने होंगे।

श्रमिकों की समस्या का समाधान -
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि हमारे मजदूर जो देश में विभिन्न स्थानों पर रोजगार के लिए गए हुए थे, भावनात्मक कारणों से घर वापस आ रहे हैं। इसके चलते कुछ स्थानों पर मजदूरों की कमी आ जाएगी वहीं कुछ स्थानों पर रोजगार की कमी। राज्य देखें कि किस प्रकार वे इसमें संतुलित स्थापित करेंगे।

अब राज्य लीड करेंगे -
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि लॉकडाउन के संबंध में अब राज्य लीड करेंगे। कुछ सामान्य गाईड लाईन्स को छोड़कर राज्य अपनी परिस्थितियों के अनुरूप कार्य कर सकेंगे। कोरोना को रोकने का एक मात्र तरीका, जब तक वैक्सीन नहीं बन जाता अथवा इसका निश्चित उपचार नहीं मिल जाता, लॉकडाउन ही है। अत: लॉकडाउन खत्म नहीं किया जा सकता। हम सीमित संख्या में ट्रेन जैसे राजधानी एक्सप्रेस, चलाएंगे। मुख्यमंत्रियों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिनमें पूरी सकारात्मकता और आशा है। आपकी संकल्पशक्ति ही हमारी विजय का कारण बनेगी। हम सामूहिक प्रयासों से कोरोना को पूरी तरह से देश से समाप्त कर देंगे।

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