भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में किसानों से गेहूँ खरीदने के कार्य की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मंडियों में और सौदा पत्रक के माध्यम से समानांतर रूप से खरीदी कार्य संचालित किया जाए। किसानों को फसल बेचने के विकल्प उपलब्ध रहें। किसानों के हित में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निजी मंडी की व्यवस्था से किसानों को लाभान्वित करने के लिए जिला स्तर पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि किसानों को राशि के भुगतान का कार्य भी बिना विलंब के होना चाहिए। बैठक में बताया गया कि उपार्जन प्रारम्भ होने से आज 06 मई तक 8 लाख 50 हज़ार किसानों से कुल 49 लाख मेट्रिक टन गेहूँ उपार्जित किया गया है। कुल उपार्जित गेहूँ में से 40 लाख मेट्रिक टन गेहूँ गोदामों में सुरक्षित परिवहन किया गया जो कुल उपार्जन का 82% है। उपार्जित गेहूँ के विरुद्ध लगभग रु 4629 करोड़ का भुगतान 5 लाख 33 हजार किसानो के खातों में किया गया है। बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस वर्ष गेहूँ के भंडारण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में भी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और कृषि विभाग के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री मनीष रस्तोगी संचालक जनसंपर्क श्री ओम प्रकाश श्रीवास्तव और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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