भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने उद्योग प्रतिनिधियों से कहा है कि वे मध्यप्रदेश के विकास पार्टनर हैं। वे प्रदेश में उद्योगों के विकास एवं स्थापना में सक्रिय भूमिका निभाएं। उद्योग प्रतिनिधियों के सुझाव और सहयोग से हमें प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछाकर अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करना है तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पुन: मजबूती से खड़ा करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में वीसी के माध्यम से मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए गठित उच्च स्तरीय परामर्श समिति की बैठक में देश-विदेश के उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव एमएसएमई श्री मनु श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

टोकियो से श्री सुजुकी और सिंगापुर से लैप इंडिया के श्री मार्क शामिल हुए -
वीसी में टोकियो से श्री सुजुकी और सिंगापुर से लैप इंडिया के श्री मार्क शामिल हुए। उन्होंने मध्यप्रदेश में बेहतर उद्योग नीति तथा श्रम कानूनों में सुधार की प्रशंसा की तथा कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अच्छा वातावरण है।

टैक्सटाइल पार्क की संभावना -
ट्राईडेंट के श्री राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि मध्यप्रदेश में टैक्सटाइल पार्क की अत्यधिक संभावनाएं हैं। टैक्सटाइल इंडस्ट्री से ग्रामीणों और महिलाओं को विशेष फायदा होगा।

पहले उद्योगों को इतनी इज़्ज़त नहीं मिली -
एच.ई.जी. के श्री रवि झुनझुनवाला ने उद्योग प्रतिनिधियों से निरंतर संवाद के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में पहले उद्योगों को इतनी इज़्ज़त नहीं मिली। उन्होंने उद्योगों को बिजली के फिक्स चार्ज में रियायत दिए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने उद्योगों को दिए गए ऋण के भुगतान की अवधि को 9 से 12 माह तक के लिए बढ़ाए जाने का पर जोर दिया।

सिंगल विंडो सिस्टम की सराहना -
वर्धमान टैक्सटाइल्स के श्री ओसवाल ने इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी कम करने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में श्रम कानूनों एवं उद्योग नीति में किए गए सुधारों की प्रशंसा की। वोलवो आइशर के श्री विनोद अग्रवाल ने विभिन्न प्रकार की अनुमतियों के लिए चालू किए गए सिंगल विंडो सिस्टम की सराहना की। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन पुनर्स्थापित होने पर ही उद्योग चल सकते हैं।

एअर कार्गों और एअर लाइन्स को बढ़ावा दें -
नैटलिंक के श्री अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में नए उद्योगों के लिए कई सहूलियतें दी जा रही हैं, ये छूट एवं रियायतें वर्तमान में संचालित उद्योगों को भी दी जाएं। शासन की उद्योग नीतियों की जानकारी देने के लिए 'डैडिकेटेड डैस्क' बनाई जाए। एअर कार्गो को बढ़ावा दिया जाए तथा नई एअरलाइंस को आमंत्रित करें।

 जी.एस.टी. रिफंड व इंटरैस्ट सब्सिडी मिले -
मीनाक्षी कैमिकल्स के श्री जितेन्द्र गुप्ता ने कहा कि एम.एस.एम.ई. को जी.एस.टी. रिफंड एवं इंटरैस्ट सब्सिडी दिलवाई जाए। एम.एस.एम.ई. के प्रतिनिधि श्री संदीप कोचर ने उद्योगों को कम दर पर बिजली दिलाने की प्रस्तावित योजना को बहुत उपयोगी बताया।

आपने 'इंडस्ट्री कैबिनेट' बनाई है -
हेलाइड कैमिकल्स की सुश्री अर्चना भटनागर ने उद्योग प्रतिनिधियों को प्रदेश के विकास पार्टनर बनाने के लिए मुख्यमंत्री को हार्दिक धन्यवाद दिया। उन्होंने प्रदेश में किए गए श्रम सुधारों को अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उद्योग प्रतिनिधियों की इस उच्च स्तरीय समिति के रूप में इंडस्ट्री कैबिनेट बनाई है, जो कि उद्योगों को प्रोत्साहित करने में अत्यंत सहयोगी होगी।

उद्योग विस्तार करने पर भी नए उद्योग की तरह सुविधाएं -
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उद्योग प्रतिनिधियों के सुझावों को यथासंभव लागू किया जाएगा। वर्तमान में संचालित उद्योगों को भी नए उद्योगों की तरह सुविधाएँ दिए जाने के सुझाव पर कार्य किया जाएगा।  

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