नरेन्द्र पँवार, दसाई। इन दिनों आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जोरो पर चल रही हैं, अलसुबह से ही गेहूं तुलवाने वालो की लम्बी लाइन देखने को मिल रही हैं। वही तुलाई सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक चल रही हैं। मगर सेवा सहकारी में गेहूं का परिवहन नही होने से प्रांगण में हजारो बोरी गेहूं खुले मैदान में रखा हुआ पडा हैं वर्तमान में प्रतिदिन मौसम में परिवर्तन हो रहा है। किसी दिन तेज हवा चल रही है तो किसी दिन बारिश हो रही हैं ऐसे में प्रांगण में रखा हजारो बोरी गेहूं खराब हो सकता है मगर इस ओर किसी का ध्यान नही जा रहा है। यदि समय रहते गेहूं का परिवहन नही होता हैं तो निश्चित ही आने वाले दिनो में गेहूं खरीदी में काफी परेशानी आ सकती हैं वही  गेहूं भी खराब हो सकता हैं।

समर्थन मूल्य पर प्रतिदिन लगभग 13 सौ अधिक बोरी गेहूं की खरीदी हो रही हैं वही किसानो को एसएमएस आने के बाद 5-7 दिनो में तुलाई का नम्बर आ रहा है जिसके कारण आदिम जाति सेवा समिति के प्रांगण में वाहनो की संख्या भी बढती जा रही हैं । किसान अपनी उपज को लेकर काफी चितिंत है जिसका कारण मौसम हैं क्योकि वाहन में भरा गेहूं की तुलाई का नम्बर आने के पहले कही बारिश की भेट न चढ जावे। कर्मचारी भी रात दिन कर अपनी सेवा देकर रविवार को भी निरन्तर कार्य कर गेहूं खरीदी में लगा हुआ है। आदिम जाति सेवा के प्रांगण के साथ-साथ अन्य जगह भी किसान अपना वाहन खडा कर रहा हैं।
वर्तमान में परिवहन नही होने के कारण आदिम जाति सेवा समिति के 3 भण्डार घर में जहाॅ आगामी फसल के लिये खाद रखनेे के लिये उपयोग में लिया जाता हैं मगर मौसम में बार-बार परिवर्तन के कारण तीनो ही भण्डार घर में 6 हजार से अधिक बोरी गेहूं रखा हुआ है जिसके कारण खाद रखने की व्यवस्था प्रभावित हो रही हैं । वही माह जून में बारिश होती है जिसके चलते किसान अपने खेत तैयार करने में लग गया हैं इस समय किसानो को सुपर खाद की आवष्यकता पडती हैं मगर भण्डार घर में गेहूं रखा होने से सारा काम प्रभावित हो रहा हैं । सोमवार को अलसुबह बारिश की बुंदा-बांदी प्रारम्भ हो गई थी यदी तेज बारिष हो जाती तो निश्चित ही सारा गेंहू खराब हो जाता।

इनका कहना है -
वर्तमान में आदिम जाति सेवा समिति में लगभग 15 हजार से अधिक बोरी गेहूं खुले में पडा है वही तीनो ही भण्डार घर गेहूं के भरे पडे है मगर पिछले 5-6 दिनो से परिवहन नही होने से काफी परेषानी आ रही है। खुले में पडा गेहूं बारिष के कारण खराब हो सकता हैं । क्योकि मौसम मेें लगातार परिवर्तन हो रहा हैं ।ऐसे में गेहूं को बचाना काफी मुष्किल काम लग रहा हैं। साथ ही समय पर परिवहन नही होने से खाद वितरण में भी परेशानी आयेगी। इन दिनो किसान खेत तैयार करने में लग गया हैं। मौसम को लेकर काफी चिंतित भी हैं कही तेज बारिष नही हो जावे। गेहूं परिवहन को लेकर आलाअधिकारी को अवगत करा दिया गया हैं। - विष्णु पाटील प्रभारी समर्थन मूल्य खरीदी

एसएमएस आने के बाद भी कम से कम 5 दिनो के बाद गेहूं का तोल हो रहा है जिसके कारण काफी परेशानी आ रही है। ऐसे में गेहूं को लेकर प्रांगण में रहना पडता हैं। - मोहनलाल मारु किसान

गेहूं की तुलाई के बाद लगभग 15-20 दिनो में पैसा आ रहा हैं जिसके कारण समय पर काम नही हो रहे हैं । किसानो को तुरन्त पैसा मिल जाना चाहिये ताकि आगामी काम में किसी भी प्रकार की समस्या नही आवे। - जगदीश पाटीदार किसान

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