राहुल राठौड़, राजोद। राजोद पंचायत में मनरेगा के तहत मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल रही। जिससे मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले परेशान हो रहे है। प्रशासन के लाख दावो के बाद भी धरातल पर मजदूरों को मजदूरी देने का कोई असर नही दिख रहा है। आज ग्राम पंचायत राजोद में मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने वाले परिवार के सामने लॉक डाउन के बाद से रोजगार बिलकुल बन्द होने से घर चलाने  की मुश्किल सामने आने लगी है। जिसको लेकर आज महिलाओ ने पंचायत का घेराव किया। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि पिछले दो माह से कोरोना महामारी से देश के नागरिक को बचाने के लिए लॉकडाउन किया गया। पर इसका असर हम जैसे को भुगतना पड़ रहा है। जो दिहाड़ी मजदूरी कर के अपना जीवन यापन करते है। महिलाओ ने कहा कि हमारे द्वरा 15 दिन पूर्व भी रोजगार की मांग की थी। पर अभी तक हमे कोई काम नही मिला। साथ ही पेयजल की भी समस्या आ रही है। वही पँचायत सचिव तुलसीदास बेरागी उक्त मामले में गोलमोल जवाब देते नजर आए। उन्होंने कहा कि धोलगढ़ में नाला ट्रेंचिंग का स्टेमीट बना कर दिया है फ़िलहाल उस पर कार्य चालू नही हुआ है। इधर उपयंत्री का कहना है कि मेरे द्वरा 2 मई को ही टी एस बनाकर पंचायत को दे दिया गया है। पुरे मामले में ग्राम पंचायत की लापरवाही साफ नजर आ रही हैं। अगर इसी तरह से लापरवाही होती रही तो  दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगो के सामने बड़ी आर्थिक समस्या खड़ी ही सकती है।

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