राजगढ़। अमोदिया गोलीकांड के 5 दिन बाद भी पुलिस को सफलता हाथ नही मिली हैं। किसान परिवार पर फायरिंग कर फरार होने वाले बदमाशो तक पुलिस नही पहुँच पाई हैं। अमोदिया गोलीकांड स्थानीय पुलिस के लिए गले की हड्डी बन गया। क्योकि यह क्षेत्र की सम्भवतः पहली ऐसी वारदात है जिसमे बदमाशो की गोली से किसान पिता एवं पुत्र दोनों की मृत्यु हुई हैं। पुलिस टीम लगातार क्षेत्र में दबिश देकर संदिग्धों की धरपकड़ कर रही हैं। पुलिस दत्तीगांव क्षेत्र के हर छोटे-बड़े संदिग्धों को पकड़कर उनसे सख्ती से पूछताछ कर रही हैं।

दरअसल सोमवार रात्रि 9 बजे बाद प्याज के कट्टे चुराकर भाग रहें बदमाशो का पीछा करने पर उन्होंने अमोदिया के किसान दौलतराम सिरवी एवं बेटे बबलू सिरवी पर फायरिंग कर दी थी। जिसमे बबलू की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी एवं दौलतराम की इंदौर अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही पुलिस पूरी तरह आरोपियो को पकड़ने में जुटी हुई हैं, धार क्राइम ब्रांच सहित एक दर्जन पुलिस टीम इस मामले की जांच में जुटी हुई हैं। लेकिन पुलिस के हाथ घटना के 5 दिन बाद भी खाली हैं। सूत्रों की माने तो पुलिस काफी संख्या में संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी हैं। लेकिन उनसे कोई सुराग हाथ नही लगा। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि पुलिस के हाथ कुछ ऐसे भी संदिग्ध लगे है जिससे पुलिस इस घटना के आरोपियों तक पहुँच सकती हैं। मामले को लेकर धार एसपी इस मामले में समीक्षा बैठक लेकर समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहें हैं।

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