भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज प्रदेश में कोरोना की स्थिति और इस पर नियंत्रण तथा उपचार की व्यवस्थाओं की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक साम्रगियों की सप्लाई पर विशेष ध्यान दिया जाये। यह व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाये कि लोगों को आवश्यक साम्रगी आसानी से उपलब्ध हो, इसके लिये परेशान न होना पड़े। उन्होंने निर्देश दिये कि कमजोर वर्गों को खाद्यान्न वितरण के लिये सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत संचालित उचित मूल्य दुकाने प्रतिदिन 12 घंटे खुलें।

गैस राहत अस्पताल में हों सामान्य मरीजों का इलाज -
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि भोपाल स्थित गैस राहत अस्पाताल को कोरोना के मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी से मुक्त करें। इस अस्पताल में सामान्य/कोरोना मुक्त मरीजों का नियमित इलाज सुनिश्चित किया जाये।

भाप्रसे के 10 अधिकारी करेंगे कोरोना की जिलेवार समीक्षा -
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 10 अधिकारियों को कोरोना की जिलेवार समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिये। ये अधिकारी इन्हें सौंपे गये जिलों में कोविड-19 स्ट्रेटजी के अनुसार प्रतिदिन जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा किये गये कार्यों की स्वतंत्र समीक्षा करेंगे। ये अधिकारी जिले से संबंधित जन-प्रतिनिधियों, आमजन आदि से टेलीफोन पर कोरोना संबंधी फीडबैक प्राप्त कर सकते हैं। इन अधिकारियों को आवंटित जिलों की समीक्षा रिपोर्ट हर दो दिन में एक बार मुख्य सचिव को उनके मेल पर देना अनिवार्य होगा।

कन्टेनमेंट एरिया में अधिक सख्ती की आवश्यकता-
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों से कहा कि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में कन्टेनमेंट एरिया में अधिक सख्ती की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव नहीं होना चाहिये, तब ही इन क्षेत्रों को कोरोना संक्रमण से मुक्त कराया जा सकेगा।

कोरोना से लड़ेंगे और जीतेंगे भी -
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार सबके साथ मिलकर कोरोना से लड़ेगी और जीतेगी भी। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के 24 जिले प्रभावित है। अभी तक कोरोना के 730 प्रकरण सामने आए हैं। कुल 24 हजार 187 सैम्पल लिए गए है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि हमने कोरोना से निपटने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई है। इंदौर, भोपाल और उज्जैन के लिए पृथक योजना बनाई गई है। इंदौर कोरोना से समवेत प्रयासों से लड़ रहा है। आईडेन्टीफिकेशन, आइसोलेशन, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट का मूल मंत्र हमने अपनाया है। टेस्टिंग की क्षमता कई गुना बढ़ गई है। कई सैम्पल विमान से भी जाँच के लिये भेजे गए है। तेईस अस्पतालों में कोरोना के इलाज के पुख्ता प्रबंध किए गए है। उन्होंने कहा कि हमारा सतत प्रयास है कि कोरोना से इस युद्ध को हमें हर हाल में जीतना है। सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी लगन से इस लड़ाई को लड़ रहे है। नागरिकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का वितरण किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम लगातार सक्रिय है। हमारी हर संभव कोशिश है कि आवश्यक वस्तुओं की श्रृंखला कहीं से भी ना टूटे।

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