भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि कोरोना के इलाज की सभी जिलों में अच्छी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएं। सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से संक्रमण रोकने के लिये लोगों को जागरूक किया जाए तथा इसका कड़ाई से पालन हो। कोरोना का थोड़े भी लक्षण पाए जाने पर टेस्टिंग की जाए। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक एवं यूनानी दवाओं का भी नि:शुल्क वितरण किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा कर रहे थे।

कोरोना टेस्टिंग की पर्याप्त व्यवस्था

मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि प्रदेश में कोरोना टेस्टिंग किट्स पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वर्तमान में हमारे पास 20 हजार आई.टी.पी.सी.आर. हैं। हमारी टेस्टिंग क्षमता 6 लैब में 500 टेस्ट प्रतिदिन है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह क्षमता 14 लैब में 1,000 टेस्ट प्रतिदिन की जाना है। वर्तमान में प्रदेश में 29,795 पीपीई किट्स हैं तथा हम 5 हजार पीपीई किट्स प्रतिदिन बाँटने की स्थिति में है। ये किट्स संभागीय मुख्यालयों को पहुँचाए जा रहे हैं। हाइड्रो क्लोरोक्वीन गोलियों की संख्या 2 लाख 25 हजार है। आगामी चार दिनों में 10 लाख गोलियाँ और मिल जाएंगी। आज 1 लाख 14 हजार है, 50 हजार एन-95 मास्क वितरित कर दिए जाएंगे। आक्सीजन सिलेंडर 3,324 हैं तथा 1,000 का ऑर्डर दिया गया है।

नए क्षेत्रों में व्यवस्थाएँ सुनिश्चित

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोरोना के संबंध में नए क्षेत्र मुरैना, छिंदवाड़ा एवं खरगोन चिन्हित किए गए है, यहाँ सभी व्यवस्थाएँ हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभाग का अमला, जो कोरोना कार्य में सीधा संलग्न है, उसे भी पीपीई किट्स दिए जाएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन लोगों को क्वारेंटाइन में रखा गया है, उनकी अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्हें भोजन आदि की कोई समस्या न हो। जो मरीज पोजीटिव पाए गए हैं, उनका अच्छे से अच्छा इलाज हो। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 13,895 व्यक्तियों को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है तथा 400 व्यक्तियों को अलग से क्वारेंटाइन किया गया है।

मजदूरों के भोजन आदि की समुचित व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के बाहर से लौटे मजदूरों तथा प्रदेश के अन्य प्रदेशों में फंसे मजदूरों के भोजन आदि की अच्छी व्यवस्था हो। बताया गया कि प्रदेश के लगभग 5 लाख मजदूर बाहर से काम से लौटे हैं। इनमें से 13,750 मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। बाहर से आने वाले मजदूरों का चैक पोस्ट पर थरमल स्कैनर से रैपिड रिस्पांस दलों द्वारा परीक्षण किया जा रहा है।

शरारती तत्वों के विरुद्ध सक्ष्त कार्यवाही

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जिलों में शांति एवं व्यवस्था की स्थिति बनी रहे। यदि कोई शरारत करता है तो उसके विरूद्ध सख्त कार्यवाही हो। जिला एवं थाना स्तर पर धर्म गुरुओं एवं सामाजिक संगठनों की बैठकें आयोजित हो गई हैं। सभी जिलों में स्थिति शांतिपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोरोना की ड्यूटी में लगे अमले का पूरा ध्यान रखा जाए। नर्सों को ड्यूटी पर आने-जाने के लिए वाहन की व्यवस्था की जाए।

गांव में ही करें राशि की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री के गरीब कल्याण पैकेज का सही क्रियान्वयन हो। राज्य शासन द्वारा हितग्राहियों के बैंक खातों में राशि डाली गयी है। जब हितग्राही राशि निकालने बैंक में जाएं, तो उन्हें परेशानी न हों, अनावश्यक भीड़ न लगे। यथासंभव गांव में ही राशि दिए जाने की व्यवस्था की जाए।

सामान्य इलाज के लिए निजी चिकित्सालय न करें इंकार

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शासकीय अस्पतालों में सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए गए मरीजों को असुविधा न हो, वहाँ भीड़ न लगे, उन्हें समुचित उपचार मिले। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए निजी चिकित्सालय इंकार न करें अन्यथा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। जो विद्यार्थी मेडिकल ग्रेजुएट हो गए हैं, वे भी स्थानीय शासकीय चिकित्सालयों में अपनी सेवाएं दें सकेंगे।

प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण

आयुक्त जनसंपर्क श्री पी. नरहरि ने बताया कि मुख्यमंत्री के ट्विटर एवं फेसबुक अंकाउंट पर गत दिवस 6,700 कमेंट्स प्राप्त हुए थे, सभी का उत्तर दे दिया गया है। प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि फूड हैल्पलाइन पर गत दिवस 1755 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। दो हजार व्यक्तियों को भोजन दिया गया है। इसके अलावा, 4 लाख 28 हजार व्यक्तियों को भोजन एवं 56,500 व्यक्तियों को खाद्य सामग्री का वितरण किया गया है। प्रदेश के बाहर मध्यप्रदेश के 21 हजार मजदूर हैं, जिन्हें भोजन एवं खाद्य सामग्री दी जा रही है। दूसरे प्रदेशों के हमारे प्रदेश में 15 हजार मजदूर हैं, इन्हें भी आश्रय एवं भोजन सामग्री प्रदाय की जा रही है।

मास्क, सैनेटाइजर की न हो कालाबाजारी

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सरकार द्वारा मास्क, सैनेटाइजर एवं खाद्य सामग्री की दरें निर्धारित की गई हैं, इनकी कालाबजारी न हो। सचिव आयुष डॉ. एम.के. अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 1 लाख 64 हजार तथा शहरी क्षेत्रों में 35 हजार व्यक्तियों को आयुर्वेदिक, होम्योपैथी एवं युनानी दवाओं का नि:शुल्क वितरण किया गया है।

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