विक्रमसिंह राठौर,अमझेरा। अमझेरा के समीपस्थ वनक्षेत्र के ग्राम हाथीपावा में नरभक्षी तेंदुए के द्वारा 8 वर्षिय बालिका  का शिकार कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया था जिसके बाद से ही वनविभाग के द्वारा नरभक्षी तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे थे तथा लगातार 9 दिनो के बाद आज सोमवार को वनविभाग को सफलता हाथ लगी जब वटकानाला क्षेत्र के पास लगायेे गये पिंजरे में तेंदुआ कैद पाया गया।
सूचना लगते ही सरदारपुर वनउपमंडलाधिकारी राकेश डामोर मौके पर पहुंचे एवं इन्दौर की रैस्क्यू टिम को सुचना दी गई जिसके बाद ग्रामिणो की मदद सेे पिंजरे कोेे लकड़ीयों के सहारे उठाकर पहले ट्रेक्टर पर चढ़ाया गया जिसकी मदद से पिंजरे को करीब 500 फिट उंची पहाड़ी पर ग्रामिण क्षेेत्र में लाया गया एवं रैस्क्यू दल के वाहन में पिंजरा डाला गया। यहाॅ उसका स्वास्थ्य परिक्षण किया गया तथा वरिष्ठ अधिकारीयों के निर्देश पर उसे सुरक्षित अभयारण्य में छोड़ा जाएगा। अमझेरा वनविभाग के प्रभारी रामसिंह वास्केल नेे बताया कि उनकी पुरी टिम तेज धुप ओर तमाम मुश्किलों के बिच दुर्गम जंगल में 9 दिनों तक डटी रही एवं तेंदुए की लोकेशन का पता लगाती रही। वटकानाला क्षेत्र पहाड़ी के करीब 500 फिट नीचे स्थित है जहाॅ उतरने-चढ़नेे में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बिच में एक बार तेंदुआ पिंजरे में आकर बच कर निकल गया था लेकिन टिम के सदस्यों नेे हार नहीं मानी और आज पुरे 9 दिनों के बाद नरभक्षी मादा तेंदुए को पकड़ने में सफल हो गये है। टिम वरिष्ठ अधिकारीया के मार्गदर्शन में लक्ष्य की दिशा में काम करती रही उनके साथ सरदारपुर के विजयकुमार वर्मा, केपी मिश्रा एवं बिडगार्ड निर्मल डावर, अमीत मालवीय, प्रताप गोयल सुरक्षाकर्मी रमेश भुरिया, कालु डावर एवं गलिया वसुनिया का सराहनिय योगदान रहा।

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