सरदारपुर-धार। 13 मार्च को अमझेरा थाना के ग्राम हनुमंत्याकाग में पेड़ पर मिले शव के मामले में आज पुलिस ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया है।  ग्राम हनुमंत्यााकाग मे मांगीलाल के खेत पर पीपल के पेड पर मृतक अंतरसिंह की लाश टंगी पायी गई थी। सूचनाकर्ता दयाराम पिता गेदु भील निवासी हनुमंत्याकाग की रिपोर्ट पर थाना अमझेरा पर मार्ग करीम कर मर्ग जाँच पर मृतक अन्तरसिंह का सीएचसीअमझेरा मे पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमे डॉ. द्वारा मृत्यु का कारण गला घोट कर हत्या कर टांग देना लेख किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर थाना अमझेरा पर अज्ञात आरोपीयान के विरुद्ध अपराध क्रमांक 117/2020 धारा 302,201 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एवं अंतरसिंह की हत्या के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हेतु जिला पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार एवं सरदारपुर एसडीओपी ऐश्वर्य शास्त्री के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अमझेरा रतनलाल मीणा एवं उनकी टीम को उचित निर्देश देकर कार्यवाही हेतु लगाया गया।  थाना प्रभारी अमझेरा रतनलाल मीणा एवं उनकी टीम द्वारा मृतक के परिवार एवं दोस्तो संबंधी जानकारी प्राप्त करते, टीम को पता चला कि दिनांक 09 मार्च को मृतक अन्तरसिंह पिता दयाराम भील उम्र 22 साल निवासी हनुमंत्या काग का गुजरात से मजदुरी कर वापस घर आया था, मृतक अंतरसिंह का उसकी पत्नी शांतिबाई से पुर्व से झगडा होने से उसकी पत्नी अपने मायके, अपने पिता केरमा पिता रामा भील निवासी कन्जरोटा थाना सरदारपुर के घर पर ही रहती थी। मृतक अक्सर अपनी पत्नी कि रकम (चाँदी) मांगने व अपनी पत्नी को साथ ले जाने कि बात पर उसके ससुर केरमा से लडाई झगडा करता रहता था।

10 मार्च को मृतक अपनी पत्नी व गाँव के लोगो के साथ भगोरिया देखने भोपावर गया था। भगोरिया खत्म होने पर उसने अपनी पत्नी को अपने साथ ले जाने का बोला तो पत्नी नही मानी तथा वह अपने मायके कंजरोटा वापस चली गई। उस दिन अंतरसिंह वापस अपने घर हनुंमत्याकाग नही गया था।  इसी बीच थाना अमझेरा टीम द्वारा अपना मुखबिर तंत्र का जाल फैलाया गया, तो टीम को मुखबीर से पता चला कि मृतक अंतरसिंह दिनांक 12 मार्च को शराब के नशे मे रात 11 बजे उसके ससुर केरमा निवासी कंजरोटा के घर गया व जाकर दरवाजा खट खटाया, जिस पर उसके ससुर केरमा द्वारा दरवाजा खोला गया। मृतक अपने ससुर से बोला कि मेरी चाँदी की रकमे एवं मेरी पत्नी को मेरे साथ कर दो, मै अभी हनुंमत्याकाग जाऊगा। जिस पर से ससुर व जमाई के बीच गाली गुप्ता लडाई झगडा हो गया।  रोज-रोज के झगडो से परेशान होकर उसके ससुर ने मृतक को अच्छे से सबक सिखाने की ठान ली, तथा वह भी मोटर सायकल से अपने गांव कंजरोटा से निकल गया। झगडे के बाद मृतक अन्तरसिंह पैदल-पैदल नशे मे हनुमंत्याकाग जा रहा था, कि पुरानी सीमेंट फेक्ट्री के टुटे फुटे कमरो के पास मृतक अंतरसिंह को उसके ससुर केरमा के द्वारा रोका गया। दोनो के बीच मे वापस हाथापाई हुई, इसी बीच आरोपी केरमा ने मृतक का गला दबाकर मार डाला। तथा फिर अपनी मोटर सायकिल से वापस उसके जमाई चेनसिंह पिता धारजी निवासी कंजरोटा के घर गया। उसने सारी घटना अपने जमाई चेनसिंह को बताई।

इस पर आरोपी केरमा व आरोपी चेनसिंह घर से रस्सी लेकर वापस मृतक अन्तरसिंह की लाश के पास आये व दोनो ने प्लान बनाया कि अगर लाश यहाँ पर पाई गयी तो अपने  माथे आयेगी, दोनो ने सलाह मशवरा कर मृतक के दोनो हाथ पैर बाँध कर आरोपी ससुर कि मोटर सायकिल से ग्राम हनुमंत्या काग मांगीलाल के खेत पर ले गये ताकि हत्या का आरोप मांगीलाल निवासी हनुमंत्याकाग पर लगे, लाश रखकर आरोपी केरमा अपनी मोटर सायकिल से हनुमंत्याकाग के अर्जुन कटारा के घर गया व मोटर सायकिल पर बिठाकर लाया व तीनो आरोपीयो ने मिलकर मृतक अन्तरसिंह को वापस जिन्दा नही हो जाये कर मुहँ मे कपडा ठुस कर पीपल के पेड पर टाँग दिया, तीनो अपने अपने घर चले गये।

मुखबीर से प्राप्त सूचना की तस्दीक हेतु थाना अमझेरा पुलिस टीम ने केरमा पिता रामा मुनिया जाति भील उम्र 43 साल निवासी  कंजरोटा थाना सरदारपुर, चेनसिंह पिता धारजी निनामा भील उम्र 45 साल निवासी कंजरोटा थाना सरदारपुर एवं अर्जुन पिता भुवान उर्फ रतु कटारा जाति भील उम्र 25 साल निवासी हनुमंत्याकाग  को पूछताछ हेतु थाना अमझेरा लाया गया, जिनसे हत्या के संबंध में पूछताछ करते कभी कुछ- कभी कुछ बताने लगे। टीम द्वारा तीनों आरोपियों से पृथक-पृथक बारिकी से कथन लिए गए, तो तीनों आरोपी पुलिस टीम के सामने टूूट गए, तथा अपना जुल्म स्वीकार कर लिया। थाना अमझेरा पुलिस टीम द्वारा आरोपी ससुर केरमा पिता रामा मुनिया भील निवासी कंजरोटा के कब्जे से घटना मे उपयोग कि गई मोटर सायकिल उसके घर के अन्दर से जप्त की। इस प्रकार अमझेरा पुलिस टीम द्वारा कुछ ही दिनों में हत्या का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की। आरोपी केरमा के विरूद्ध थाना सरदारपुर में अपराध क्रमांक 130/18 धारा 294, 323, 506 भादवि का अपराध पंजीबद्ध होना भी पाया गया।  उक्त हत्या का पर्दाफाश व तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सरदारपुर एसडीओपी सरदारपुर ऐश्वर्य शास्त्री के निर्देशन में थाना प्रभारी अमझेरा रतनलाल मीणा, पीएसआई किर्ती तोमर, प्रधान आरक्षक अरुण, प्रधान आरक्षक 338 भँवरसिंह, आरक्षक ईश्वर, आरक्षक रामगोपाल, आरक्षक राजा सेन, आरक्षक मंगलसिंह का विशेष योगदान रहा है। पुलिस अधीक्षक द्वारा समूची टीम को पुरूस्कृत करने की घोषणा की गई है।

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