राजोद। कोटेश्वर नदी के तट पर बना मां शीतला माता मंदिर साजोद पर प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी चूल चलने का सिलसिला 4:00 बजे से शुरू हुआ। जो मन्नत धारी अपनी मन्नत पूरी होने पर मां के प्रांगण में चूल चलने आते हैं। मन्नत धारी  धधकते हुए अंगारों के ऊपर होकर चली महिलाओं व पुरूषों ने माता के चरणों में जल चढ़ाकर श्रीफल चढ़ाते हैं। प्रतिवर्ष सैकड़ों की तादात में मन्नत धारी अपनी मन्नत पूरी करने आते हैं।

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